अहमदाबाद | सेना के जवानों के साहस, शौर्य और अनन्य बलिदान का स्मरण करने और उनका सम्मान करने के लिए पूरा राष्ट्र प्रतिवर्ष 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाता है। इस अवसर पर राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित गृह राज्य मंत्री ने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले जांबाज प्रहरियों के प्रति नागरिक कर्त्तव्य भाव प्रकट करते हुए उदारतापूर्वक योगदान देने की नागरिकों से अपील की है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जनता से अपील करते हुए कहा कि यह दिवस राष्ट्र की सेवा में समर्पित सशस्त्र बलों और पूर्व सैनिकों के प्रति ऋण चुकाने का अवसर है। हम सभी को उदार हाथों से दान देकर राष्ट्र के वीर शहीदों के आश्रितों और दिव्यांग सुरक्षाकर्मियों के कल्याण की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी ने राज्य के सभी नागरिकों से सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में योगदान देने की अपील करते हुए कहा कि युद्ध और शांति के समय में सशस्त्र सेनाएं राष्ट्र की सेवा में अपना अमूल्य योगदान देती है। देश की विशाल सीमाओं की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सेनाओं ने बेजोड़ साहस, शौर्य और कर्त्तव्य निष्ठा का प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गुजरात के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि देश पर आने वाली प्राकृतिक या कृत्रिम आपदा के समय एक क्षण का भी विलंब किए बगैर प्रभावितों की मदद के लिए तैयार रहने वाले हमारे वीर जवान पूरे देश का मान और गौरव हैं। सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर हम सभी उदारता से योगदान देकर सहृदयता के साथ शूरवीर सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति आत्मीयता एवं सम्मान की भावना प्रदर्शित करें। गृह राज्य मंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने कहा कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस राष्ट्र के सैनिकों के प्रति हमारे आदर, सम्मान और गौरव का भाव प्रकट करने का अनोखा अवसर है। ऐसे में, सशस्त्र सैनिकों तथा उनके परिवारजनों के कल्याण के लिए हम सभी उदार हाथों से दान देकर सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाएं।