अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गौरव के साथ यह कहा कि गुजरात ने कोरोना संक्रमण के संकट काल में भी विकास यात्रा की अविरत कूच को जारी रखते हुए कोरोना काल के दौरान राज्य में 17 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कर जनता को समर्पित किया है। अहमदाबाद महानगर के 1078 करोड़ रुपए लागत के 72 विकास कार्यों का शुक्रवार को गांधीनगर से वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए उन्होंने यह बात कही। 92 करोड़ रुपए के 21 विकास कार्यों के ई-लोकार्पण और 986 करोड़ रुपए के 51 विकास कार्यों के शिलान्यास के अंतर्गत हाउसिंग प्रोजेक्ट, वाटर प्रोजेक्ट, अर्बन हेल्थ सेंटर, हॉल नवीनीकरण, गार्डन, प्रधानमंत्री आवास और ब्रिज प्रोजेक्ट आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अकेले अहमदाबाद महानगर में ही कोरोना संक्रमण के दौर में 2857 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की भेंट दी है। इस संदर्भ में उन्होंने साफ कहा कि आंकड़े इस बात की गवाही देतेहैं कि विकास कार्यों की रफ्तार तेज है और वे स्वयं साबित करते हैं कि गुजरात संकट के सामने न झुका है और न ही रुका है। 600 वर्ष पुराना और विश्व विरासत शहर का तमगा हासिल करने वाला अहमदाबाद समय के साथ चलते हुए आधुनिक महानगर एवं विश्वस्तरीय शहर के रूप में स्थापित हुआ है, श्री रूपाणी ने उसके लिए शहर के स्थानीय प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्ष से भारतीय जनता पार्टी के शासन में अहमदाबाद की आधुनिक ढंग से कायापलट हुई है। रूपाणी ने कहा कि सड़क, सीवर, लाइट और पानी जैसी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के साथ ही रिवरफ्रंट, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, उपचारित जल का पुनर्उपयोग, ठोस कचरे का पृथक्करण और उसकीउचित निस्तारण व्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण सहित सभी क्षेत्रों में अहमदाबाद महानगरपालिका ने सुनियोजित प्रबंधन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण, पानी और प्रकाश तमाम की चिंता कर जनता की सुख-सुविधा में बढ़ोतरी की है। राज्य के नगरों और महानगरों में ईज ऑफ लिविंग यानी जीवन जीने की सुगमता में व्यापक तौर पर सुधार कर शहरों को रहने और जीने लायक बनाया है। सेवानिवृत्त जीवन बिताने वाले दूसरे प्रदेशों के वरिष्ठ लोग भी इसलिए ही अहमदाबाद में स्थायी रूप से बसे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के शहरी विकास विभाग ने भी अद्यतन शहरी व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण आदि का ध्यान रखकर संतुलित विकास की चिंता की है। उन्होंने कहा कि अतीत में कांग्रेस की सरकारों के दौरान कार्यों में हीलाहवाली होती थी और शिलान्यास के बाद बरसों तक स्थिति जस की तस रहती थी तथा शिलान्यास के पत्थर भी वैसे के वैसे पड़े रहते थे। इस संबंध में उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के विलंब से कार्य लटके रहते थे, जो बजट काम के लिए आवंटित किया जाता था वह भी विलंब के कारण चार-पांच गुना बढ़ जाता था। भारतीय जनता पार्टी ने समयबद्ध, गुणवत्ता युक्त और समय से पूर्व काम पूरा करने की नई कार्य संस्कृति विकसित की है। उन्होंने कहा कि, ‘जिसका भूमिपूजन हम करते हैं उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं, यही हमारा मंत्र है।’  रूपाणी ने कहा कि नगरों और महानगरों के विकास कार्यों के लिए सरकार कभी भी पैसे की कमी नहीं होने देती। उन्होंने कहा कि, ‘आप काम लेकर आइए, पैसे की चिंता राज्य सरकार करेगी।’ उन्होंने कहा कि इस सरकार ने शहरी विकास का हजारों करोड़ का बजट आवंटित कर राज्य की 45 फीसदी शहरी आबादी को समय पर विकास कार्यों का नजराना देने की परवाह की है। मुख्यमंत्री ने महानगरों के प्राधिकारियों से आह्वान किया कि सड़क, पानी और सीवर जैसी प्राथमिक सुविधाएं अब पूरी तरह से पूर्ण हो जाए और समयानुकूल आधुनिक विकास के कार्य एवं नई चुनौतियों के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर में वृद्धि जैसे कार्यों के लिए वे तैयार हो जाएं। उन्होंने कोरोना संक्रमण के दौरान एसवीपी हॉस्पिटल, धन्वंतरि रथ और 104 हेल्पलाइन जैसी सुदृढ़ व्यवस्थाएं शुरू कर संक्रमण की रोकथाम में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए अहमदाबाद महानगरपालिका की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट साबरमती रिवरफ्रंट के कारण हेरिटेज सिटी अहमदाबाद की जो वैश्विक पहचान स्थापित हुई है, उसे आधुनिक शहर और मलिन बस्तियों के पुनर्विकास, उपचारित जल का पुनर्उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण और यातायात प्रबंधन आदि को प्राथमिकता देकर और भी उज्ज्वल बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा अहमदाबाद के महापौर के रूप में दी गई सेवाओं का स्मरण करते हुए महात्मा गांधी जी के स्थानीय निकाय संस्थाओं को जनहित के कार्यों के लिए और भी प्रेरित करने के स्वप्न को साकार करने की सीख दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के दो लाभार्थियों के साथ फोन पर बातचीत कर आवास मिलने से उनके पारिवारिक जीवन में आए परिवर्तन और सुख की अनुभूति के बारे में जाना।