IIM इंदौर के एक्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (EPGP) के 17वें बैच की शुरुआत 3 अप्रैल 2025 को हुई। 71 प्रतिभागियों ने इस प्रतिष्ठित एक-वर्षीय पूर्णकालिक आवासीय एमबीए कार्यक्रम में प्रवेश लिया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि रजनीश शर्मा, सीनियर डायरेक्टर, कोका-कोला इंडिया, प्रो. प्रबीन कुमार पाणिग्रही, डीन प्रोग्राम्स, और प्रो. जतिन पांडे, चेयर ईपीजीपी भी उपस्थित रहे।
नए बैच का स्वागत करते हुए, प्रो. हिमांशु राय ने नेतृत्व, व्यक्तिगत विकास और आत्म-जागरूकता पर गहन विचार साझा किए। उन्होंने प्रतिभागियों को भावनात्मक बुद्धिमत्ता, जुनून, धैर्य और उद्देश्य को अपने भीतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विचारों, भाषण और कार्यों में ज़िम्मेदारी रखने पर जोर दिया और सावधानीपूर्वक सुनने की आदत डालने की बात कही—सिर्फ़ सुनना नहीं, बल्कि गहराई से दुसरे की बात समझना, यहाँ तक कि मौन को भी पढ़ना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “अपने भीतर ईमानदारी और क्षमता विकसित करें, और सुनिश्चित करें कि आप ज्ञान और प्रामाणिकता के साथ नेतृत्व करें।” उन्होंने समझाया कि सच्चा जुनून तभी विकसित होता है जब क्षमता, प्रेरणा और आत्म-इच्छा का संयोजन हो। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने विषयों और आवश्यक कौशल में निपुणता प्राप्त करने की सलाह दी, क्योंकि निपुणता उत्कृष्टता की नींव है।
धैर्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मेहनत आवश्यक तो है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है—सच्ची सफलता उन्हीं को मिलती है जो हर असफलता के बाद उठकर फिर से आगे बढ़ते हैं और लगातार प्रयास करते रहते हैं। उन्होंने जीवन के उद्देश्य के बारे में बात करते हुए प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे ऐसी दुनिया में योगदान दें, जिसमें वे स्वयं रहना चाहते हैं, और उसे स्वयं आकार दें। उन्होंने कहा कि हर बैच अनोखा होता है, जो अपनी अलग चुनौतियों और अवसरों का सामना करता है। उन्होंने सभी को मजबूत बने रहने, नए प्रयोग करने और लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
श्री रजनीश शर्मा ने प्रतिभागियों को इस नयी शुरुआत, इस महत्वपूर्ण कदम के लिए बधाई दी कि उन्होंने कार्यकारी प्रबंधन पाठ्यक्रम (EPGP) में प्रवेश लिया। अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए, उन्होंने बताया कि सीखने की मानसिकता किसी भी व्यक्ति के विकास के लिए कितनी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा, “सीखने को उसके सबसे शुद्ध रूप में अपनाइए। सिर्फ़ पाठ्यक्रम से नहीं, बल्कि अपने साथियों के विविध अनुभवों से भी सीखें। कक्षा में होने वाली चर्चाएँ अत्यंत समृद्ध होंगी, जो आपको आपके उद्योग में अब तक मिली जानकारी से कहीं अधिक गहरी समझ देंगी।” उन्होंने सभी को जुड़ने और आत्मविश्लेषण करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे अपने सच्चे लक्ष्य की पहचान कर सकें और अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा में कर सकें।
प्रो. प्रबीन कुमार पाणिग्रही ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रतिभागियों को इस परिवर्तनकारी यात्रा की शुरुआत करने के लिए बधाई दी। उन्होंने ईपीजीपी के अत्याधुनिक और उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पाठ्यक्रम उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा और उन्हें सक्षम बनाएगा कि वे व्यापार जगत की जटिलताओं को कुशलता से संभाल सकें। प्रो. जतिन पांडे, चेयर – ईपीजीपी, ने बैच का स्वागत करते हुए कहा कि आईआईएम इंदौर का वातावरण बौद्धिक विकास और व्यावसायिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल है। उन्होंने प्रतिभागियों को संस्थान द्वारा प्रदान किए जा रहे संसाधनों और अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
आईआईएम इंदौर के कार्यकारी स्नातकोत्तर प्रबंधन कार्यक्रम (EPGP) को फाइनेंशियल टाइम्स ग्लोबल एमबीए रैंकिंग में विश्वभर में 69वां स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि संस्थान की उत्कृष्टता, नवाचार और वैश्विक स्तर पर नेतृत्व विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस वर्ष का ईपीजीपी बैच 71 प्रतिभागियों का एक विविध समूह है, जो ऑटोमोटिव, बीएफएसआई, कंसल्टिंग, आईटी/आईटीईएस, मैन्युफैक्चरिंग, सरकारी क्षेत्र और अन्य उद्योगों से हैं। इस बैच में प्रतिभागियों की औसत आयु 32 वर्ष है और उनके पास औसतन 7.8 वर्षों का कार्य अनुभव है, जो कक्षा में समृद्ध चर्चा और गहन दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा।
इस अवसर पर प्रतिभागियों को आईआईएम इंदौर की सुविधाओं, पुस्तकालय संसाधनों और अकादमिक ढांचे के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस परिवर्तनकारी वर्ष में, संस्थान का उद्देश्य प्रतिभागियों को दूरदर्शी नेतृत्व कौशल से लैस करना है, जिससे वे लगातार बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में सफलता प्राप्त कर सकें।