MP News : मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और शहरी क्षेत्र के सुव्यवस्थित विकास के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में दो नए मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की योजना तैयार की गई है, जिससे न केवल नगरों के विकास को गति मिलेगी, बल्कि निवेशकों को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।
पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर, उज्जैन, देवास और धार को मिलाकर विकसित किया जाएगा। इसमें इंदौर का 100 प्रतिशत क्षेत्र शामिल होगा, जबकि उज्जैन का 44 प्रतिशत हिस्सा और धार तथा नागदा का कुछ हिस्सा भी जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और शहरी विकास को संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है, जिससे आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो और निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर पैदा हों।
दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र में विकास को प्रोत्साहित कर, रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ व्यापार और निवेश के नए रास्ते खोले जाएंगे।
6 संभागों का होगा समग्र विकास
केंद्र सरकार के विजन के तहत, मध्यप्रदेश के प्रमुख संभाग मुख्यालय – ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल – को रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इन क्षेत्रों में औद्योगिक और शहरी विकास के माध्यम से आर्थिक उन्नति को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार, व्यापार और निवेश के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश में वृद्धि
इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और आर्थिक विकास को गति देना है। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के विकास से न केवल नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि निवेशकों के लिए एक समृद्ध और आकर्षक वातावरण तैयार होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।