पीएम श्री हेलीकॉप्टर सेवा: 14 करोड़ का सेकेंड हैंड विमान! उड़ान का खर्च 1 लाख/घंटा, 100 किलो से ज्यादा वजन पर 2 टिकट

Indore News: मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई ‘पीएम श्री हेलिकॉप्टर सेवा’ को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। इंदौर से ओंकारेश्वर और उज्जैन के लिए उड़ान भरने वाला यह हेलिकॉप्टर अमेरिका का सेकेंड हैंड और सिंगल इंजन वाला विमान है। इसे चलाने वाली कंपनी ट्रांसभारत एविएशन ने इसे करीब 14 करोड़ रुपये में खरीदा था।

सूत्रों के मुताबिक, यह हेलिकॉप्टर पहले एक अन्य निजी कंपनी के पास था, जिसने इसे लगभग 17 करोड़ रुपये में खरीदा था। बाद में ट्रांसभारत एविएशन ने इसे अपने बेड़े में शामिल किया और अब इसका उपयोग पीएम श्री पर्यटन सेवा के लिए किया जा रहा है।

एक घंटे की उड़ान, 1 लाख का खर्च

इस हेलिकॉप्टर सेवा का संचालन आर्थिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण है। कंपनी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हेलिकॉप्टर को एक घंटे उड़ाने में करीब 1 लाख रुपये का खर्च आता है। इसमें ईंधन, मेंटेनेंस, पायलट और स्टाफ का वेतन समेत कई अन्य खर्चे शामिल हैं। हेलिकॉप्टर में केवल 6 यात्रियों के बैठने की क्षमता है, ऐसे में पूरी क्षमता पर भी उड़ान भरना कंपनी के लिए फिलहाल घाटे का सौदा हो सकता है।

“फिलहाल यात्रियों को आकर्षित करने के लिए टिकट के दाम कम रखे गए हैं। सेवा को संचालित करने के लिए सरकार से सब्सिडी की मांग की गई है।” — कैप्टन एस. भट्टाचार्य, वाइस प्रेसिडेंट, ट्रांसभारत एविएशन

वजन पर आधारित किराया क्यों?

इस सेवा की सबसे खास बात इसका वजन आधारित किराया सिस्टम है। बुकिंग के समय हर यात्री को अपना सही वजन बताना अनिवार्य है। कंपनी के अनुसार, हेलिकॉप्टर का कुल वजन (पेलोड क्षमता) 2281 किलोग्राम है। सुरक्षा मानकों के तहत, उड़ान में अतिरिक्त ईंधन भी रखना पड़ता है, जिससे वजन प्रबंधन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

वजन संबंधी नियम:

  • 80 किलो से अधिक: 80 किलो से ज्यादा वजन होने पर प्रति किलो 150 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।

  • 100 किलो से अधिक: यदि किसी यात्री का वजन 100 किलो से ज्यादा है, तो उसे सुरक्षा कारणों से दो टिकट खरीदने होंगे।

कंपनी का कहना है कि लागत निकालना और सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। कई बार यात्रियों के कुल वजन के आधार पर छह की जगह पांच यात्रियों को ही ले जाया जा सकता है।

महंगा रखरखाव और विदेशी पार्ट्स

सिंगल इंजन वाले इस हेलिकॉप्टर का रखरखाव भी काफी महंगा है। इसके कई तकनीकी पार्ट्स खराब होने पर विदेश से आयात करने पड़ते हैं, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ता है। इन तमाम खर्चों के बावजूद कंपनी का दावा है कि किराया संतुलित रखा गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सेवा का लाभ उठा सकें।

यात्रियों के लिए वीआईपी दर्शन की सुविधा

हेलिकॉप्टर से ओंकारेश्वर पहुंचने वाले यात्रियों को दर्शन के लिए करीब डेढ़ घंटे का समय मिलेगा। इस दौरान उनके लिए वीआईपी दर्शन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे बिना किसी परेशानी के त्वरित दर्शन कर सकें। यात्रा को सुगम बनाने के लिए सुरक्षा जांच और बोर्डिंग पास जैसी प्रक्रियाएं भी लागू की गई हैं।