सांसद शंकर लालवानी के बेटे को 14.91 लाख का नोटिस, HDFC बैंक का दावा- ऑनलाइन गेमिंग में खर्च हुई रकम

Indore News : भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और इंदौर से सांसद शंकर लालवानी के परिवार से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। HDFC बैंक ने उनके बेटे मीत लालवानी को 14 लाख 91 हजार रुपये के क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करने के लिए एक कानूनी नोटिस भेजा है। बैंक का आरोप है कि यह रकम ऑनलाइन गेमिंग और जुए की वेबसाइट्स पर खर्च की गई है, जिसका बिल अब तक चुकाया नहीं गया है।

हालांकि, मीत लालवानी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला है और किसी ने उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर यह सब किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने बैंकिंग सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मीत का दावा- मेरे नाम पर फ्रॉड हुआ

नोटिस मिलने के बाद मीत लालवानी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके पास HDFC बैंक का कोई क्रेडिट कार्ड है ही नहीं। उन्होंने दावा किया कि किसी जालसाज ने उनके नाम, फोटो और दस्तावेजों का दुरुपयोग करके यह कार्ड बनवाया और फिर उसका इस्तेमाल ऑनलाइन जुए के लिए किया।

“मेरे पास एचडीएफसी बैंक का कोई क्रेडिट कार्ड ही नहीं है। मैंने कभी ऐसा कोई कार्ड नहीं बनवाया और न ही इन वेबसाइट्स पर कोई पैसा खर्च किया है।” — मीत लालवानी

मीत के अनुसार, उन्होंने इस धोखाधड़ी की शिकायत तुरंत बैंक में दर्ज कराई है और जल्द ही पुलिस में भी एफआईआर कराएंगे। उनका सवाल है कि जब उनके पास कार्ड ही नहीं है, तो लगभग 15 लाख रुपये का बिल उनके नाम पर कैसे आ सकता है?

बैंक का तर्क- KYC दस्तावेज सही थे

दूसरी ओर, HDFC बैंक अपने रुख पर कायम है। बैंक अधिकारियों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही जारी किया गया था। बैंक का कहना है कि कार्ड के लिए दिए गए सभी KYC (नो योर कस्टमर) दस्तावेज मीत लालवानी के ही थे।

बैंक रिकॉर्ड्स के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड से ज्यादातर लेनदेन PokerBaazi, बाजी नेटवर्क और Google Play जैसे प्लेटफॉर्म्स पर किए गए, जो ऑनलाइन पोकर और गेमिंग के लिए जाने जाते हैं। बिल का भुगतान न होने पर बैंक ने पहले वसूली के लिए प्रयास किए और अब कानूनी नोटिस भेजकर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सांसद के घर तक पहुंचे रिकवरी एजेंट

सूत्रों के मुताबिक, बिल की वसूली के लिए बैंक के एजेंट कई बार सांसद शंकर लालवानी के घर भी गए, लेकिन उन्हें गार्ड यह कहकर लौटा देते थे कि मीत घर पर नहीं हैं। बताया जा रहा है कि सांसद लालवानी ने बैंक अधिकारियों से इस मामले पर बात करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।

इस पूरे मामले पर सांसद शंकर लालवानी ने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि परिवार अपने स्तर पर इस मामले की गहराई से जांच करा रहा है। फिलहाल, यह मामला पुलिस और बैंक दोनों की जांच के दायरे में है, जिसके बाद ही सच सामने आ पाएगा।