भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने में हो रही देरी को लेकर अपनी ही पार्टी की मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बावजूद कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए और अधिकारियों की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाया।
विजयवर्गीय के इस सार्वजनिक बयान ने प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। यह मामला तब का है जब प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी और CAA के समर्थन में रैलियां निकालने वालों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे।
ट्वीट कर जताई नाराज़गी
कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने CAA के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले ‘राष्ट्रभक्तों’ पर मुकदमे दर्ज किए थे। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन मुकदमों को वापस लेने की घोषणा भी की थी, लेकिन अब तक यह कार्रवाई पूरी नहीं हुई है।
“CAA के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले राष्ट्रभक्तों पर तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने मुकदमे दर्ज किए थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने इन मुकदमों को वापस लेने की घोषणा भी की थी। लेकिन, आज तक इन मुकदमों को वापस नहीं लिया गया है।” — कैलाश विजयवर्गीय
अपने एक अन्य पोस्ट में उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने पूछा, “क्या अधिकारी मुख्यमंत्री जी की घोषणा से बड़े हो गए हैं? यह एक गंभीर विषय है…।” इस बयान से स्पष्ट है कि वे इस देरी के लिए प्रशासनिक ढिलाई को जिम्मेदार मान रहे हैं।
क्या था पूरा मामला?
केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू किए जाने के बाद देश भर में इसके पक्ष और विपक्ष में प्रदर्शन हुए थे। इसी क्रम में मध्य प्रदेश में भी, खासकर इंदौर जैसे शहरों में, CAA के समर्थन में बड़ी रैलियां और प्रदर्शन आयोजित किए गए थे।
उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और मुख्यमंत्री कमलनाथ थे। उनकी सरकार के कार्यकाल में इन प्रदर्शनों में शामिल कई भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए थे।
भाजपा ने किया था केस वापसी का वादा
मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार गिर गई और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि CAA समर्थकों पर राजनीति से प्रेरित होकर दर्ज किए गए सभी मामले वापस लिए जाएंगे।
हालांकि, इस घोषणा को लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब मामले वापस नहीं हुए, तो अब पार्टी के ही एक वरिष्ठ नेता ने इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया है। विजयवर्गीय का यह कदम सरकार पर इन मामलों में तेजी से कार्रवाई करने का दबाव बनाने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।