मध्यप्रदेश में नए साल 2025 की शुरुआत के साथ ही प्रशासनिक गलियारों में बड़ी हलचल देखने को मिलेगी। राज्य सरकार प्रशासनिक ढांचे में व्यापक फेरबदल की तैयारी कर रही है। इस प्रक्रिया के तहत प्रदेश के 71 आईएएस (IAS) अधिकारियों को पदोन्नति का तोहफा मिलने जा रहा है। मंत्रालय स्तर पर इसकी कवायद तेज हो गई है और जल्द ही विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की जाएगी।
राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने पदोन्नति के दायरे में आने वाले सभी अधिकारियों के नामों की सूची तैयार कर ली है। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में डीपीसी की बैठक होगी, जिसमें इन अफसरों के प्रमोशन पर अंतिम मुहर लगेगी। यह प्रक्रिया जनवरी के पहले सप्ताह में पूरी होने की संभावना है।
इन बैच के अफसरों को मिलेगा लाभ
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस बार 2009 बैच के अधिकारियों को सचिव स्तर पर पदोन्नत किया जाएगा। वहीं, 2000 बैच के आईएएस अधिकारियों को प्रमुख सचिव के पद पर प्रमोट किया जाएगा। इसके अलावा, 1994 बैच के अधिकारियों को अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के वेतनमान में पदोन्नति मिलेगी। यह बदलाव वरिष्ठता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर किया जा रहा है।
कलेक्टर और कमिश्नर स्तर पर भी होंगे बदलाव
इस प्रमोशन प्रक्रिया के साथ ही मैदानी पदस्थापनाओं में भी बदलाव संभावित है। कई जिलों के कलेक्टर और संभागों के कमिश्नर बदले जा सकते हैं। जिन अधिकारियों को पदोन्नति मिलेगी, उन्हें नई जिम्मेदारियों के साथ नए विभागों में भेजा जा सकता है। मंत्रालय में भी कई विभागों के मुखिया बदलने के आसार हैं।
डीपीसी की बैठक का इंतजार
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तैयार की गई सूची को मुख्य सचिव के पास भेजा जाएगा। इसके बाद डीपीसी की बैठक की तारीख तय होगी। माना जा रहा है कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह या जनवरी के पहले सप्ताह में यह बैठक संपन्न हो जाएगी। इसके तुरंत बाद प्रमोशन और ट्रांसफर की लिस्ट जारी कर दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य प्रशासन में कसावट लाना और नई ऊर्जा के साथ काम शुरू करना है।
गौरतलब है कि हर साल की शुरुआत में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस बार 71 अफसरों की संख्या होने के कारण यह फेरबदल काफी बड़ा माना जा रहा है। इससे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा।