भोपाल मेट्रो को मिली हरी झंडी, 20 दिसंबर से शुरू होगा राजधानी का मेट्रो सफर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए यह खबर किसी उत्सव से कम नहीं है। वर्षों से जिस पल का इंतजार भोपालवासी कर रहे थे, वह घड़ी अब बेहद करीब आ चुकी है। शहर की बहुप्रतीक्षित भोपाल मेट्रो आखिरकार पटरियों पर दौड़ने के लिए तैयार है। महज एक सप्ताह के भीतर भोपाल की सड़कों के ऊपर एक नया इतिहास लिखा जाएगा, जब 20 दिसंबर से मेट्रो पहले चरण के ट्रैक पर अपनी सेवा शुरू करेगी। शासन स्तर पर इस तारीख पर आधिकारिक मुहर लगने के साथ ही मेट्रो के संचालन की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं।

20 दिसंबर को होगा भोपाल मेट्रो का लोकार्पण

मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एस. कृष्ण चैतन्य ने जानकारी दी है कि 20 दिसंबर को भोपाल मेट्रो का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। शासन ने इस कार्यक्रम की तारीख तय कर मेट्रो प्रबंधन को औपचारिक सूचना भी भेज दी है। लोकार्पण समारोह शहर के ऐतिहासिक मिंटो हॉल में दिन के समय आयोजित होगा, जहां प्रशासन, जनप्रतिनिधि और शहर के गणमान्य नागरिक इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे।

सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री दिखाएंगे हरी झंडी

भोपाल मेट्रो के शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मिलकर मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ेंगे और भोपालवासियों को संबोधित करेंगे। यह आयोजन न सिर्फ परिवहन व्यवस्था के लिए, बल्कि राजधानी के विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

पहले चरण में आरेंज लाइन पर दौड़ेगी मेट्रो

भोपाल मेट्रो का पहला चरण आरेंज लाइन के 7.5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर शुरू किया जा रहा है। यह रूट एम्स मेट्रो स्टेशन से लेकर सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक रहेगा। इस हिस्से में मेट्रो के शुरू होते ही हजारों यात्रियों को रोजाना बड़ी राहत मिलेगी। ट्रैफिक जाम से जूझने वाले इस इलाके में अब सफर न सिर्फ तेज होगा, बल्कि आरामदायक और सुरक्षित भी बनेगा। दोनों प्रमुख स्टेशनों के बीच यात्रा का समय भी काफी हद तक कम हो जाएगा।

सोमवार को जारी होगी संचालन और किराए की पूरी जानकारी

मेट्रो प्रबंधन की ओर से सोमवार को पूरे ऑपरेशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। इसमें मेट्रो के संचालन का समय, किराया संरचना, यात्रियों के लिए जरूरी नियम और अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश शामिल होंगे। इससे यात्रियों को पहले ही दिन से मेट्रो का सही और सुगम उपयोग करने में आसानी होगी।

आने वाले 100 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बना प्रोजेक्ट

मेट्रो प्रबंधन के अधिकारियों का कहना है कि भोपाल मेट्रो परियोजना को आने वाले 100 वर्षों की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। शुरुआती दौर में यात्रियों की संख्या सीमित रह सकती है, लेकिन जैसे-जैसे पूरे रूट का काम पूरा होगा और शहर का विस्तार होगा, मेट्रो पर यात्रियों का दबाव तेजी से बढ़ेगा। आने वाले समय में भोपाल मेट्रो शहर की लाइफलाइन बनकर सामने आएगी और राजधानी की पहचान को एक नई ऊंचाई देगी।

भोपाल के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

भोपाल मेट्रो केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की नींव है। इससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, समय की बचत और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। 20 दिसंबर को जब पहली मेट्रो ट्रेन पटरियों पर दौड़ेगी, तब भोपाल के विकास की रफ्तार भी एक नए युग में प्रवेश कर जाएगी।