मध्य प्रदेश में दिसंबर और जनवरी के महीने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिहाज से बेहद अहम साबित होने जा रहे हैं। राज्य में एमपीपीएससी (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) मिलकर कुल पांच बड़ी परीक्षाएं आयोजित करने जा रहे हैं, जिनमें चार लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल होंगे। लंबे समय से तैयारी में जुटे युवाओं के लिए यह समय निर्णायक माना जा रहा है, क्योंकि इन्हीं परीक्षाओं से सरकारी नौकरी के दरवाजे खुलने की उम्मीद है।
पहली बार AI तकनीक से होगी आवेदन पत्रों की स्कैनिंग
इस बार परीक्षाओं में तकनीकी बदलाव भी देखने को मिलेगा। परीक्षा एजेंसियों की ओर से आवेदन पत्रों की स्कैनिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे त्रुटियों में कमी आने और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। अलग-अलग विभागों की रिक्तियों के अनुसार परीक्षाओं की शेड्यूलिंग पहले ही जारी कर दी गई है, ताकि अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए स्पष्ट रोडमैप मिल सके।
MPPSC की बड़ी परीक्षाएं: दिसंबर से जनवरी तक परीक्षा क्रम
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की सबसे नजदीकी परीक्षा 14 दिसंबर को फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती के लिए आयोजित होगी। 67 पदों के लिए होने वाली इस परीक्षा में इस बार रिकॉर्ड 44 हजार से ज्यादा उम्मीदवार शामिल होंगे। इसके बाद 11 जनवरी को राज्य पात्रता परीक्षा (SET) आयोजित की जाएगी, जिसमें एक लाख से अधिक परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। खास बात यह है कि इस बार SET परीक्षा 25 से अधिक विषयों में आयोजित की जाएगी, जिससे उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अभ्यर्थियों में खासा उत्साह है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती भी जनवरी के पहले हफ्ते में
एमपीपीएससी जनवरी के शुरुआती सप्ताह में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2025 की परीक्षा भी आयोजित करेगा। यह भर्ती लंबे समय से प्रतीक्षित थी और इसे लेकर हजारों अभ्यर्थी तैयारी में जुटे हुए हैं। शिक्षा विभाग से जुड़ी इस परीक्षा को लेकर आयोग ने संकेत दिए हैं कि समयबद्ध और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
ESB की दो अहम परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव
कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा आयोजित दो बड़ी परीक्षाओं की तारीखों में संशोधन किया गया है। सब-इंस्पेक्टर (SI) और सूबेदार भर्ती-2025 अब पहले तय 9 जनवरी की बजाय 16 जनवरी 2026 से आयोजित की जाएगी। 500 पदों के लिए होने वाली इस भर्ती में कुल 1,53,249 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। हैरानी की बात यह है कि इनमें करीब 4 हजार उम्मीदवार इंजीनियरिंग और पीएचडी जैसी उच्च डिग्रियां रखने वाले भी हैं, जो सरकारी नौकरी को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
विवादों में घिरी समूह-2 और उपसमूह-3 परीक्षा भी टली
काफी समय से विवादों में घिरी समूह-2 और उपसमूह-3 भर्ती परीक्षा की तारीख भी बदल दी गई है। नगर निगम की आपत्तियों के बावजूद बोर्ड अपने फैसले पर कायम है और परीक्षा आयोजित करने की तैयारी में जुटा है। यह परीक्षा अब 13 दिसंबर 2025 की जगह 23 जनवरी 2026 से शुरू होगी। तारीख में बदलाव के बावजूद अभ्यर्थियों में इसे लेकर असमंजस और चिंता बनी हुई है।
लाखों युवाओं के लिए निर्णायक समय
कुल मिलाकर दिसंबर और जनवरी का यह दौर मध्य प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए बेहद अहम होने वाला है। जहां एक ओर सरकारी नौकरियों की उम्मीदें इन परीक्षाओं से जुड़ी हैं, वहीं दूसरी ओर बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तारीखों में बदलाव ने अभ्यर्थियों की चुनौती भी बढ़ा दी है। अब सबकी नजरें परीक्षा के सुचारू संचालन और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया पर टिकी हैं, ताकि मेहनत करने वाले युवाओं को उनका हक मिल सके।