इंदौर पुलिस के हत्थे चढ़ा कुख्यात अपराधी, फेमस होने के लिए एक शख्स की गर्दन काट दी थी!

Indore News : इंदौर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, चोरी, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे 100 से भी अधिक गंभीर मामलों में वांछित कुख्यात अपराधी अब्दुल रशीद को गिरफ्तार किया है।
‘तलवार सिंह’ के नाम से जाना जाने वाला यह आरोपी अपने माता-पिता की जानकारी से संबंधित एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने के बहाने महाराष्ट्र के अकोला से इंदौर आया था, लेकिन अपनी पुरानी हरकतों के कारण पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
कुख्यात अपराधी पर 100 से ज्यादा मामले दर्ज
सूत्रो के मुताबिक पलासिया थाना पुलिस ने आरोपी अब्दुल रशीद के पास से करीब ₹7.50 लाख का चोरी का माल बरामद किया है। इस बरामदगी में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ ₹50,000 की कीमत की चोरी की गई एक मोटरसाइकिल भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, अब्दुल रशीद पर इंदौर और महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में चोरी, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे 100 से भी अधिक गंभीर अपराध दर्ज हैं। 2006 में चोरी के मामले में पकड़े जाने के बाद वह इंदौर से भागकर अकोला में रहने लगा था और वहीं से अपनी आपराधिक वारदातों को अंजाम देता रहा।
फेमस होने के लिए की थी व्यक्ति की गर्दन काटकर हत्या
अब्दुल रशीद का खौफनाक अतीत ही उसे ‘तलवार सिंह’ का नाम दिलाता है। पूछताछ में सामने आया है कि कुख्यात अब्दुल रशीद मूल रूप से इंदौर के खजराना क्षेत्र का निवासी है। लगभग 19 साल की उम्र से ही उसने छोटी-मोटी चोरियां शुरू कर दी थीं।
अकोला भागने के बाद उसने वहां शादी की और अपनी वारदातों को जारी रखा। एसीपी तुषार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि फेमस होने की चाहत में अब्दुल रशीद ने वर्धा क्षेत्र में एक व्यक्ति की तलवार से नृशंस तरीके से गर्दन काट दी थी और कटी हुई गर्दन लेकर खुद ही पुलिस थाने में जाकर पेश हो गया था। इसी जघन्य कृत्य के कारण उसे ‘तलवार सिंह’ उपनाम मिला।
एसआईआर के बहाने आया और 6 मिनट में की चोरी
बताया जाता है कि पिछले 18-19 वर्षों से अकोला में रह रहा अब्दुल रशीद 10 दिन पहले एसआईआर का फॉर्म भरने और प्रक्रिया पूरी करने के लिए इंदौर आया था, जहां उसकी बहनें रहती हैं और वह उन्हीं के यहाँ रुका हुआ था। एसआईआर का काम खत्म होते ही उसने चोरी की योजना बनाई।
पुलिस की जांच में सामने आया कि उसने पहले तिलक नगर से एक मोटरसाइकिल चोरी की। इसके बाद, वह पलासिया इलाके में स्थित मल्टी-स्टोरी इमारतों के आसपास घूमता रहा और गीतानगर के गायत्री अपार्टमेंट में पहुंचा।
वहां एक सूना फ्लैट देखकर उसने ताला तोड़ा और महज छह मिनट के भीतर ही ₹10 लाख के गहने चोरी कर लिए। एसीपी तुषार सिंह के अनुसार, इस त्वरित कार्रवाई से साफ पता चलता है कि आरोपी काफी पेशेवर अपराधी है। वारदात को अंजाम देने के बाद वह अपनी बहन के घर रुका और फिर उसी चोरी की बाइक से अकोला भाग गया।
800 सीसीटीवी फुटेज और कड़ी निगरानी से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने चोरी की इन घटनाओं को गंभीरता से लिया और अपराधी को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति तैयार की। जोन-3 पुलिस ने लगभग 800 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें आरोपी स्पष्ट रूप से बिना चेहरा छिपाए वारदात को अंजाम देता नजर आया। मुखबिरों को सक्रिय किया गया और कई दिनों की लगातार निगरानी के बाद आखिरकार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आया।
महाराष्ट्र पुलिस से उसके आपराधिक रिकॉर्ड की पुष्टि करने पर वहां उसके खिलाफ 55 अपराध दर्ज पाए गए, साथ ही कुछ स्थायी वारंट भी जारी हैं। एसीपी सिंह ने बताया कि आरोपी सभी तरह के नशे करने का आदी है और उसने स्वीकार किया है कि उसने एसआईआर का काम पूरा होने के बाद ही चोरी की योजना बनाई थी।
फिलहाल, पुलिस को उससे और भी अन्य चोरी की वारदातों के खुलासे की उम्मीद है। वह तीन दिन की पुलिस रिमांड पर है और पलासिया पुलिस ने इस संबंध में महाराष्ट्र के सभी संबंधित थानों को सूचित कर दिया है। जब पुलिस उसे पकड़ने अकोला पहुंची, तो उसकी पत्नी और बच्चा घर से जा चुके थे।