इंदौर के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित यशवंत क्लब में एक बड़ी परंपरा टूटने जा रही है। क्लब के वर्षों के इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का कोई कार्यक्रम यहां आयोजित होने वाला है। जानकारी के मुताबिक, आज क्लब परिसर में संघ का पथ संचलन निकलेगा।
यशवंत क्लब, जिसे अपनी सख्त ड्रेस कोड और विशिष्ट नियमों के लिए जाना जाता है, अब भगवा ध्वज फहराने का गवाह बनेगा। क्लब के सचिव संजय गोरानी ने इस आयोजन की पुष्टि करते हुए सदस्यों को जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह क्लब की पार्किंग में संघ की शाखा लगेगी और स्वयंसेवक पथ संचलन करेंगे।
क्लब के इतिहास में पहली बार ऐसा आयोजन
यशवंत क्लब की स्थापना 1934 में होलकर राजवंश के महाराजा यशवंत राव होलकर द्वितीय ने की थी। तब से लेकर अब तक, यह क्लब अपनी विशिष्ट जीवनशैली और खेलों के लिए जाना जाता रहा है। क्लब के नियमों के अनुसार, यहां हाफ पैंट पहनकर प्रवेश वर्जित रहा है, लेकिन संघ के कार्यक्रम के लिए ड्रेस कोड में यह ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा।
क्लब प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें मुख्य रूप से क्लब के सदस्य ही शामिल होंगे जो संघ से जुड़े हैं या जुड़ना चाहते हैं। इस दौरान ध्वज प्रणाम और प्रार्थना भी की जाएगी।
सदस्यों को भेजा गया संदेश
क्लब सेक्रेटरी संजय गोरानी ने सदस्यों को भेजे गए संदेश में कहा है कि यह आयोजन ‘यशवंत क्लब मिलन’ के नाम से होगा। इसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले संगठन के साथ जुड़ना है। संदेश में स्पष्ट किया गया है कि कार्यक्रम के बाद स्वल्पाहार की व्यवस्था भी रहेगी।
गौरतलब है कि यशवंत क्लब मध्य भारत का एक प्रमुख एलीट क्लब है। यहां अक्सर सांस्कृतिक और खेलकूद से जुड़ी गतिविधियां होती रहती हैं, लेकिन किसी वैचारिक संगठन का इस तरह का औपचारिक कार्यक्रम पहली बार हो रहा है। इसे लेकर शहर के प्रबुद्ध वर्ग में भी चर्चा है।
नियमों में दी गई विशेष छूट
क्लब के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि संघ की गणवेश (ड्रेस) को देखते हुए क्लब के सख्त ड्रेस कोड नियमों में इस आयोजन के लिए विशेष छूट दी गई है। आमतौर पर क्लब के मुख्य भवन या लॉन में शॉर्ट्स या हाफ पैंट की अनुमति नहीं होती, लेकिन संघ के गणवेश का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया गया है।
इस आयोजन को लेकर क्लब के कुछ पुराने सदस्यों के बीच दबी जुबान में चर्चाएं भी हैं, लेकिन प्रबंधन ने इसे एक सामान्य मिलन समारोह बताया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि रविवार को होने वाले इस आयोजन में सदस्यों की कितनी भागीदारी रहती है।