भोपाल मेट्रो: इंदौर की तरह नहीं मिलेगी मुफ्त सफर की सुविधा, ट्रायल रन के बाद सीधे कमर्शियल संचालन की तैयारी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो ट्रेन के संचालन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। भोपाल के निवासियों को इंदौर की तरह मेट्रो में मुफ्त सफर का तोहफा नहीं मिलेगा। मेट्रो प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि भोपाल में ट्रायल रन के बाद सीधे कमर्शियल संचालन यानी टिकट आधारित यात्रा शुरू की जाएगी। यह निर्णय इंदौर और भोपाल मेट्रो के अलग-अलग चरणों में हुए काम को देखते हुए लिया गया है।

गौरतलब है कि इंदौर में मेट्रो के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर ट्रायल रन के बाद जनता के लिए एक महीने तक मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी। वहां के नागरिकों ने स्मार्ट कार्ड और क्यूआर कोड के जरिए बिना पैसे खर्च किए मेट्रो का अनुभव लिया था। लेकिन भोपाल में स्थिति थोड़ी अलग है, जिसके चलते यहां यह सुविधा नहीं दी जा रही है।

ट्रायल रन और सुरक्षा निरीक्षण

भोपाल मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है और इसके प्रायोरिटी कॉरिडोर पर ट्रायल रन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा मानकों की जांच के लिए कमिशनर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) का निरीक्षण होना बाकी है। एक बार सुरक्षा क्लीयरेंस मिल जाने के बाद, मेट्रो को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, भोपाल में मेट्रो का संचालन शुरू होते ही यात्रियों को टिकट खरीदना होगा। इसके लिए स्टेशनों पर टिकट काउंटर और ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीनें लगाने का काम अंतिम चरण में है। प्रबंधन का मानना है कि सीधे कमर्शियल संचालन से राजस्व अर्जन शुरू होगा और सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।

इंदौर और भोपाल में अंतर क्यों?

इंदौर में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मेट्रो का ट्रायल रन शुरू हुआ था, जिसे एक तरह से जनता को समर्पित करने के उद्देश्य से मुफ्त रखा गया था। वहां रजिस्ट्रेशन के जरिए पास जारी किए गए थे। भोपाल में मेट्रो का काम अभी भी कई हिस्सों में जारी है और पूर्ण रूप से संचालन के लिए तकनीकी तैयारियां पुख्ता की जा रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि मुफ्त यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। भोपाल में सीधे टिकट सिस्टम लागू करने से न केवल भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा, बल्कि यात्रियों को शुरुआत से ही सिस्टम की आदत भी पड़ेगी। मेट्रो के संचालन के लिए स्टाफ की ट्रेनिंग भी पूरी कर ली गई है।

किराये और सुविधाओं पर फोकस

भोपाल मेट्रो के किराये को लेकर भी जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। माना जा रहा है कि इसका किराया सिटी बस सेवाओं के आसपास ही रखा जाएगा ताकि आम आदमी इसे आसानी से अपना सके। यात्रियों को स्मार्ट कार्ड, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) और मोबाइल ऐप से टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी।

मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा, साफ-सफाई और यात्री सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। लिफ्ट, एस्केलेटर और दिव्यांगजन के लिए विशेष रैंप तैयार हैं। भोपाल वासियों को अब बस उस तारीख का इंतजार है जब वे अपने शहर में वर्ल्ड क्लास ट्रांसपोर्ट सिस्टम का आनंद ले सकेंगे, भले ही इसके लिए उन्हें पहले दिन से ही जेब ढीली करनी पड़े।