इंदौर: घर में मिले लकवाग्रस्त पति और पत्नी के शव, हफ्ते भर से बंद था दरवाजा, बदबू आने पर खुला राज

Indore News : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के लसूड़िया थाना क्षेत्र स्थित सैटेलाइट जंक्शन के एक मकान में बुजुर्ग दंपती के शव मिले हैं। शवों की स्थिति देखकर पुलिस का अनुमान है कि मौत करीब एक हफ्ते पहले हुई होगी।
घर से तेज दुर्गंध आने के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस जब दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई, तो मंजर बेहद दर्दनाक था। पति का शव बिस्तर पर पड़ा था, जबकि पत्नी का शव बाथरूम में मिला। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर जांच के लिए पहुंची है।
बदबू आने पर पड़ोसियों को हुआ शक
सैटेलाइट जंक्शन के रहवासियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इस घर का दरवाजा बंद था। गुरुवार सुबह जब कुछ लोग वहां से गुजरे, तो उन्हें तेज बदबू महसूस हुई। कुछ लोगों ने पहली मंजिल की बालकनी से झांककर देखा, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके तुरंत बाद पुलिस को सूचित किया गया।
इंदौर के पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान कन्हैयालाल परनवाल और उनकी पत्नी स्मृति परनवाल के रूप में हुई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कन्हैयालाल पिछले छह महीने से लकवाग्रस्त (Paralysis) थे और बिस्तर पर ही रहते थे। वहीं, उनकी पत्नी स्मृति की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं बताई जा रही है।
26 अक्टूबर को आखिरी बार दिखी थीं महिला
सूत्रो के मुताबिक बताया जा रहा है कि दंपती का सामाजिक दायरा बहुत सीमित था। वे किसी से ज्यादा मेल-जोल नहीं रखते थे। पड़ोसियों का कहना है कि आखिरी बार महिला को 26 अक्टूबर को देखा गया था। 10 दिन पहले कुछ लोग सर्वे के लिए आए थे, तब भी महिला घर के बाहर खड़ी दिखाई दी थीं।

“यह मकान 2015 में बना था और 2016 में यह परिवार यहां शिफ्ट हुआ था। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले थे। कन्हैयालाल पहले पीथमपुर में नौकरी करते थे, लेकिन काफी समय पहले उन्होंने काम छोड़ दिया था।” — राज बहादुर यादव, पड़ोसी

रिश्तेदारों का आना-जाना नहीं था
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि दंपती के घर कभी कोई रिश्तेदार नहीं आता था। वे बेहद एकाकी जीवन जी रहे थे। कन्हैयालाल को लकवा मारने के बाद भी उनकी देखभाल के लिए कोई नहीं आया। वे केवल जरूरी सामान जैसे सब्जी या किराना लेने के लिए ही घर से बाहर निकलते थे।
पिछले कुछ दिनों में अखबार और दूध वाले भी आए, लेकिन दरवाजा न खुलने पर वापस चले गए। फिलहाल पुलिस मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। साथ ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पिछले एक हफ्ते में घर के आसपास कोई आया था या नहीं।