इंदौर एयरपोर्ट ने रचा इतिहास: यात्रियों की संख्या पहली बार 40 लाख पार, फरवरी से 24 घंटे उड़ानें शुरू होने की उम्मीद

इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे ने अपने 87 सालों के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। साल 2025 एयरपोर्ट के लिए बेहद खास साबित हो रहा है, क्योंकि पहली बार यहां से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या 40 लाख के आंकड़े को पार कर गई है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 30 नवंबर तक कुल 40 लाख 47 हजार 358 यात्रियों ने इंदौर से उड़ान भरी है। इस दौरान एयरपोर्ट से करीब 30 हजार उड़ानों का संचालन हुआ।

आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पूरे साल औसतन हर दिन 11 हजार से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया और रोजना लगभग 82 उड़ानें संचालित हुईं। यह वृद्धि न केवल एविएशन सेक्टर बल्कि शहर के पर्यटन और व्यापार के लिए भी शुभ संकेत मानी जा रही है।

नवंबर में टूटा एक महीने का रिकॉर्ड

साल का ग्यारहवां महीना यानी नवंबर एयरपोर्ट के लिए सबसे व्यस्त रहा। केवल इसी एक महीने में 4.23 लाख यात्रियों ने यात्रा की और 2,973 फ्लाइट्स का संचालन हुआ। यह अब तक के इतिहास में किसी भी एक महीने में दर्ज किया गया सबसे बड़ा आंकड़ा है। अगर पिछले सालों से तुलना करें तो साल 2023 में 35.39 लाख और 2019 में 30.24 लाख यात्रियों ने सफर किया था, जो उस समय के रिकॉर्ड थे।

रनवे मरम्मत के कारण रात में बंद है संचालन

रिकॉर्ड तोड़ आंकड़ों के बीच एक चुनौती भी बनी हुई है। फिलहाल इंदौर एयरपोर्ट पर रनवे के री-कार्पेटिंग और मरम्मत का काम चल रहा है। इस वजह से एयरपोर्ट रात 10:30 बजे से सुबह 6:30 बजे तक बंद रहता है। रात की उड़ानों पर रोक के चलते एयरपोर्ट 24 घंटे की बजाय केवल 18 घंटे ही सक्रिय है।

अधिकारियों का कहना है कि फरवरी महीने से एयरपोर्ट के दोबारा 24 घंटे खुलने की संभावना है। इसके बाद उड़ानों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।

“विंटर शेड्यूल के तहत रनवे सुधार कार्य को देखते हुए रात में उड़ानों पर रोक है। इसके बावजूद यात्रियों और उड़ानों की संख्या में वृद्धि होना सकारात्मक है।” — अमोल कटारिया, अध्यक्ष, ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया

दिसंबर में कोहरे और रद्दीकरण का असर

नवंबर की रिकॉर्ड तोड़ सफलता के बाद दिसंबर की शुरुआत थोड़ी धीमी रही। 3 से 23 दिसंबर के बीच इंदौर एयरपोर्ट से 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। इसका सबसे बड़ा कारण दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख रूटों पर परिचालन संबंधी समस्याएं रहीं, जहां रोजाना 6 से 8 उड़ानें कैंसिल हुईं। दिसंबर के पहले पखवाड़े में उड़ानों का औसत घटकर प्रतिदिन 79 रह गया, जबकि नवंबर में यह आंकड़ा काफी ज्यादा था।

सितंबर में सबसे कम रही यात्रियों की संख्या

साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो सितंबर माह में सबसे कम ट्रैफिक देखा गया। इस महीने में 2,393 उड़ानों के जरिए 3.35 लाख यात्रियों ने सफर किया। अगस्त की तुलना में सितंबर में यात्रियों की संख्या में 7 प्रतिशत और उड़ानों में 4.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।

20 से ज्यादा शहरों से सीधी कनेक्टिविटी

इंदौर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी लगातार बेहतर हो रही है। वर्तमान में यहां से देश और विदेश के 20 से अधिक शहरों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। इनमें प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नई के अलावा जयपुर, गोवा, शिर्डी और शारजाह जैसे पर्यटन और धार्मिक स्थल भी शामिल हैं।