करोड़ो की सरकारी जमीन पर मनीष गोधा ने काट दी कॉलोनी, जिला प्रशासन ने कराई गई जांच 

Indore News : इंदौर जिला प्रशासन के द्वारा कराई गई जांच में 20 करोड रुपए कीमत की सरकारी जमीन पर बिल्डर कॉलोनाइजर मनीष गोधा के द्वारा कॉलोनी काट दिए जाने का मामला सामने आया है।

गौरतलब है कि प्रशासन की जांच में इस हकीकत के उजागर होने के बाद यह जांच रिपोर्ट कार्रवाई के इंतजार में लंबित पड़ी हुई है। इसके साथ ही गोधा के द्वारा विकसित की जा रही चार अन्य कॉलोनी में जमीन की मलकियत पर सवाल उठने लगे हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश जैन के द्वारा 24 अक्टूबर 2025 को तहसीलदार तहसील मल्हारगंज के समक्ष इस बात की शिकायत की गई थी कि ग्राम छोटा बांगडदा में सरकारी जमीन को बिल्डर मनीष गोधा और अन्य के द्वारा अपने कॉलोनी की जमीन में शामिल कर लिया गया है।

इस शिकायत के आधार पर तहसीलदार मल्हारगंज के द्वारा उसी दिन जमीन के सीमांकन के लिए एक दल का गठन किया गया। इस दल का प्रमुख राजस्व निरीक्षक अरुण तिवारी को बनाया गया। इसके अलावा इस दल में दो अन्य राजस्व निरीक्षक, एक पटवारी और एक हल्का पटवारी को लिया गया।

इस जांच दल के द्वारा अपनी जांच पूरी करने के उपरांत 17 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है। इस रिपोर्ट में यह कहा गया है कि सपना गोधा, मनीष गोधा के द्वारा सर्वे नंबर 111/2, 111/3, 111/4, 111/ 5 के कुल रकबा 1.982 हेक्टेयर पर नगर एवं ग्राम निवास विभाग से कालोनी के विकास की अनुमति प्राप्त की गई। इसमें उन्होंने अपनी मल्कीयत की जमीन के अलावा सर्वे नंबर 110 एवं 103 की सरकारी जमीन को भी शामिल कर लिया।

इस जमीन पर भी कॉलोनी का विकास करते हुए प्लाट का क्रय विक्रय किया जा रहा है। इस स्थान पर जमीन की कीमत ₹7000 प्रति वर्ग फीट है। उक्त माफिया के द्वारा 25000 स्क्वायर फीट सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसे अपनी कॉलोनी का हिस्सा बनाया गया है। इस तरह से इस जमीन की कीमत करीब 20 करोड रुपए होती है।

इस मामले को उजागर करने वाले लोकेश जैन के अनुसार बताया गया कि जांच होने और जांच में सरकारी जमीन पर कब्जा सिद्ध होने के बाद भी जिला प्रशासन के द्वारा इस जांच रिपोर्ट को दबाने का काम किया जा रहा है। इस रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई शुरू नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में बिल्डर कॉलोनाइजर मनीष गोधा के साथ उनकी पत्नी सपना गोधा, सेल टैक्स विभाग के सेवानिवृत अधिकारी टी के वैध, सोगानी ड्रेसेस के संचालक देवेंद्र सोगानी, महेश सोगानी के साथ पराग सोगानी, संदीप सोगानी पेपर वाले भी शामिल है।

जैन ने कहा है कि यदि जिला प्रशासन के द्वारा इस मामले में आगे कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन का कब्जा बिल्डर से नहीं छीना जाता है, तो वह इस मामले की शिकायत राज्य आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो को करने की तैयारी में है। इस मामले में यह आवश्यक है कि तत्काल प्रभाव से बिल्डर के कब्जे से सरकारी जमीन को छीना जाना चाहिए।

इस जमीन पर कब्जा कर स्वयं को मालिक बताने के फर्जी दस्तावेज तैयार करने और लोगों को धोखा देकर प्लाट का विक्रय करने के मामले में मनीष गोधा और उनके सभी साथियों के खिलाफ धारा 420 के साथ-साथ अपठित धाराओं में अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए।

जैन ने कहा कि इसके साथ ही गोधा परिवार के द्वारा चार अन्य कॉलोनी का भी विकास किया जा रहा है। इन कॉलोनी में भी सरकारी जमीन को अपनी बताते हुए शामिल कर लिया गया है। इन कॉलोनियों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए सूचना का अधिकार के तहत आवेदन संबंधित विभाग में लगाए गए हैं। विभाग के द्वारा अभी जानकारी देने में टालमटोल की जा रही है।