मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से आत्मनिर्भर बने याशिल राठौर

आलीराजपुर जिले के 23 वर्षीय युवा याशील राठौर ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद आत्मनिर्भर बनने की मिसाल पेश की है। पिता के साये के बिना परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे याशील ने कम उम्र में ही यह ठान लिया था कि वे पढ़ाई के साथ-साथ अपना व्यवसाय खड़ा करेंगे। सीमित संसाधनों और बढ़ती पारिवारिक जरूरतों के बीच उन्होंने सूझबूझ और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का फैसला लिया, जो आज उनकी सफलता की नींव बन चुका है।

अनुभव और शिक्षा का संतुलन बना सफलता की कुंजी

याशील ने पढ़ाई जारी रखते हुए अपने अंकल की बिल्डिंग मटेरियल की दुकान पर तीन से चार वर्षों तक काम किया। इस दौरान उन्होंने कारोबार की बारीकियां, ग्राहकों से व्यवहार और बाजार की समझ विकसित की। यह अनुभव आगे चलकर उनके अपने व्यवसाय की मजबूत आधारशिला साबित हुआ। पढ़ाई और काम दोनों को साथ लेकर चलने से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का सही मार्ग मिला।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से मिला संबल

स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की चाहत को साकार करने में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना याशील के लिए निर्णायक साबित हुई। एक समाचार पत्र के माध्यम से योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, आलीराजपुर से संपर्क किया। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा, आलीराजपुर शाखा द्वारा उनका प्रकरण स्वीकृत किया गया। योजना के अंतर्गत उन्हें स्व-रोजगार स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये का ऋण मिला।

टाइल्स और सेनेटरी शोरूम से बढ़ी आर्थिक मजबूती

ऋण मिलने के बाद याशील ने टाइल्स और सेनेटरी का शोरूम स्थापित किया, जिसे उन्होंने करीब आठ महीने पहले शुरू किया। पहले से मिले अनुभव का लाभ उन्हें इस व्यवसाय में मिला और धीरे-धीरे कारोबार जमने लगा। वर्तमान में उन्हें हर माह लगभग 30 से 40 हजार रुपये का शुद्ध लाभ होने लगा है। इसके साथ ही वे बैंक की 25 हजार रुपये की मासिक किस्त भी नियमित रूप से जमा कर पा रहे हैं।

स्थानीय युवाओं को दिया रोजगार

याशील ने अपने व्यवसाय के विस्तार के साथ-साथ रोजगार सृजन की दिशा में भी कदम बढ़ाया। उन्होंने स्थानीय तीन युवाओं को अपने यहां काम पर रखा है, जिन्हें 8 से 9 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। इससे न केवल उनका व्यवसाय सुदृढ़ हुआ है, बल्कि अन्य युवाओं को भी रोजगार का अवसर मिला है।

आत्मनिर्भरता के साथ समाज के लिए प्रेरणा

याशील राठौर का कहना है कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया है। आज वे अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ समाज के लिए भी प्रेरणा बन चुके हैं। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह प्रेरक सफलता की कहानी उद्योग विभाग द्वारा साझा की गई है।