भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में अब कोहरे ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह के समय घने कोहरे की वजह से दृश्यता (Visibility) काफी कम हो गई है, जिससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ने की संभावना है।
ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में कोहरे की चादर देखी जा रही है। विशेषकर ग्रामीण और खुले इलाकों में इसका प्रभाव अधिक है। कोहरे के कारण सुबह के वक्त सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
तापमान में गिरावट का दौर जारी
प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। पचमढ़ी, उमरिया और नौगांव जैसे स्थानों पर पारा सामान्य से नीचे लुढ़क गया है। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं के कारण सिहरन महसूस की जा रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक कड़ाके की ठंड अपनी दस्तक दे सकती है।
यातायात और जनजीवन पर असर
घने कोहरे का सीधा असर रेल और सड़क यातायात पर पड़ने की आशंका है। दृश्यता कम होने से लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन में देरी हो सकती है। प्रशासन ने वाहन चालकों को कोहरे के दौरान सावधानी बरतने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी है। सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों को भी अब गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
किसानों के लिए सलाह
बदलते मौसम को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। तापमान में अचानक गिरावट और कोहरा रबी की फसलों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, गेहूं और चने की फसल के लिए हल्की ठंड फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन पाला पड़ने की स्थिति में नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर बुलेटिन जारी कर रहा है।