केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की भोपाल टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने देवास स्थित केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) में छापा मारकर एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तार किए गए कर्मचारी का नाम शुभम परमार है, जो विद्यालय में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर कार्यरत है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने एक फर्म के बिल पास करने के बदले में रिश्वत की मांग की थी। फरियादी ने इसकी शिकायत सीबीआई से की थी, जिसके बाद यह जाल बिछाया गया।
बिल पास करने के बदले मांगी थी घूस
घटनाक्रम के अनुसार, फरियादी की फर्म केंद्रीय विद्यालय में साफ-सफाई और सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने का काम करती है। इसी काम के बिलों के भुगतान को मंजूरी देने के लिए एलडीसी शुभम परमार अड़ंगा लगा रहा था। उसने बिल पास करने की एवज में 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। परेशान होकर ठेकेदार ने मामले की शिकायत सीबीआई की भोपाल शाखा में दर्ज कराई।
केमिकल लगे नोटों से हुआ भंडाफोड़
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई अधिकारियों ने मामले का सत्यापन किया। पुष्टि होने पर शुक्रवार को एक योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया गया। जैसे ही शुभम परमार ने फरियादी से रिश्वत के 10 हजार रुपये लिए, सीबीआई की टीम ने उसे दबोच लिया। नोटों पर पहले से ही विशेष रसायन (केमिकल) लगा हुआ था, जिससे रंगे हाथों पकड़े जाने के सबूत पुख्ता हो गए।
कार्यालय में जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम आरोपी को लेकर विद्यालय के कार्यालय पहुंची। वहां उससे पूछताछ की जा रही है और संबंधित दस्तावेजों की जांच भी शुरू कर दी गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस मामले में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।