नए साल में कई नियमों में बड़े बदलाव, आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा सीधा असर

नया साल 2026 सिर्फ तारीख और कैलेंडर बदलने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके साथ ही कई अहम नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब, बैंकिंग लेनदेन, डिजिटल आदतों और जीवनशैली पर पड़ेगा। सरकार और संबंधित रेगुलेटरी संस्थाएं बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, लोन, सोशल मीडिया, किसानों और पर्यावरण से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी कर चुकी हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि 1 जनवरी 2026 से किन-किन क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

लोन की EMI में राहत, FD निवेशकों पर असर

नए साल की शुरुआत के साथ कई बैंकों ने ब्याज दरों में संशोधन किया है। इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिल सकता है जो होम लोन या पर्सनल लोन लेने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि लोन पहले के मुकाबले सस्ते हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज दरों में भी बदलाव किया गया है। कुछ बैंकों में FD पर बेहतर रिटर्न मिल सकता है, जबकि कुछ जगहों पर ब्याज में हल्की कटौती भी संभव है।

PAN और आधार लिंक करना होगा जरूरी

1 जनवरी 2026 से PAN और आधार को लिंक करना लगभग सभी बैंकिंग, टैक्स और सरकारी सेवाओं के लिए अनिवार्य हो सकता है। जिन लोगों का PAN-आधार लिंक नहीं होगा, उन्हें बैंक अकाउंट से जुड़ी कई सुविधाओं में दिक्कत आ सकती है और सरकारी योजनाओं का लाभ भी अटक सकता है।

क्रेडिट स्कोर होगा तेजी से अपडेट

अब क्रेडिट स्कोर अपडेट होने की प्रक्रिया और तेज होने वाली है। पहले जहां स्कोर अपडेट होने में करीब 15 दिन का समय लगता था, वहीं अब इसे हर हफ्ते अपडेट किया जाएगा। इससे समय पर EMI चुकाने वाले लोगों का क्रेडिट स्कोर जल्दी सुधरेगा और लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में आसानी होगी।

UPI और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर सख्त निगरानी

डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए UPI और ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े नियमों को और कड़ा किया जाएगा। मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट और SIM वेरिफिकेशन पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे ऑनलाइन ठगी और फर्जी लेनदेन के मामलों को कम करने में मदद मिलेगी।

सोशल मीडिया के लिए उम्र सीमा पर जोर

सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नए नियम लाने की तैयारी में है। इन नियमों के तहत उम्र की पुष्टि और पेरेंटल कंट्रोल जैसे फीचर अनिवार्य हो सकते हैं, ताकि बच्चों को ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रखा जा सके।

पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर रोक

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कुछ बड़े शहरों में पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर नई पाबंदियां लग सकती हैं। इसका असर टैक्सी, डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स सेवाओं पर भी देखने को मिल सकता है।

किसानों के लिए बदले नियम

किसानों से जुड़ी योजनाओं में भी बदलाव प्रस्तावित हैं। PM-Kisan योजना का लाभ लेने के लिए कुछ राज्यों में यूनिक किसान ID अनिवार्य की जा सकती है। इसके अलावा फसल बीमा योजना के तहत जंगली जानवरों से हुए नुकसान की तय समय सीमा में रिपोर्ट करने पर ही मुआवजा मिलेगा।

गैस, फ्यूल और टैक्स से जुड़े अपडेट

हर साल की तरह 1 जनवरी को LPG, कमर्शियल गैस और एविएशन फ्यूल की कीमतों में बदलाव संभव है। वहीं इनकम टैक्स फाइल करने वालों के लिए नया प्री-फिल्ड ITR फॉर्म लाया जा सकता है, जिससे प्रक्रिया आसान होगी, लेकिन टैक्स जांच पहले से ज्यादा सख्त हो सकती है।