मध्यप्रदेश में दिसंबर की शुरुआत के साथ ही ठंड का असर तेज हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 31 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है।
राजधानी भोपाल में गुरुवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ, जबकि ग्वालियर और सागर संभाग में भी तापमान में गिरावट देखी गई। शाजापुर, रतलाम, छिंदवाड़ा, और बैतूल जैसे जिलों में पारा 8 डिग्री के आसपास पहुंच गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाएं राज्य में ठंड की तीव्रता बढ़ा रही हैं। साथ ही, साफ आसमान और रात में तेज विकिरण के कारण तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है।
उत्तर भारत की ठंडी हवाओं का प्रभाव
मौसम विभाग ने बताया कि हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और उत्तर से बहने वाली हवाओं के कारण मध्यप्रदेश में ठंड का ‘डबल अटैक’ हो रहा है। दिन में हल्की धूप के बावजूद रात और सुबह का तापमान तेजी से नीचे गिर रहा है।
अगले कुछ दिन और ठंडा मौसम
पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों तक राज्य में ठंड में और वृद्धि हो सकती है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पिछले वर्ष भी दिसंबर माह में इसी तरह का मौसम देखने को मिला था, जब कई जिलों में पारा 5 डिग्री से नीचे चला गया था और शीतलहर का असर लंबे समय तक बना रहा था।
इस बार भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ठंड का असर ग्रामीण इलाकों में अधिक होगा, जहां तापमान में गिरावट के साथ कोहरे की संभावना भी बनी हुई है।