इंदौर BEO कार्यालय में 1.57 करोड़ की वित्तीय अनियमितता, सरकारी फंड परिजनों के खातों में भेजे गए

इंदौर जिले के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला उजागर हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि करीब 1 करोड़ 57 लाख रुपये का सरकारी धन पात्र खातों के बजाय बीईओ कार्यालय से जुड़े व्यक्तियों के रिश्तेदारों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया।

जिला शिक्षा विभाग ने शिकायत प्राप्त होते ही वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की। बैंक लेन-देन और भुगतान वाउचर की पड़ताल में कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले, जो निर्धारित प्रक्रियाओं के विपरीत थे।

पृष्ठभूमि

पूर्व में भी प्रदेश के विभिन्न जिलों में शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यालयों में अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं। पुरानी घटनाओं में फर्जी बिल, अवैध भुगतान और लाभार्थियों के नाम पर धन निकालने जैसी प्रवृत्तियां देखी गई थीं, जिन पर विभागीय जांच चल रही है।

जांच और कार्रवाई

इंदौर में सामने आए ताजे मामले में विभाग ने तुरंत आंतरिक ऑडिट टीम को तैनात किया। संबंधित बैंक खातों को ट्रैक कर लेन-देन की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने भी प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर सम्बंधित दस्तावेज़ जब्त कर लिए हैं।

जांच अधिकारियों के अनुसार, धन के हस्तांतरण में कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है। प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है।

आगे की योजना

विभाग ने कहा है कि सभी ब्लॉक शिक्षा कार्यालयों में वित्तीय निरीक्षण को सख्त किया जाएगा। लेन-देन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भुगतान और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने की तैयारी है।

मामले की जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सरकारी धन की सुरक्षा और उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।