राज्य में बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही बढ़े हुए बिलों का सामना करना पड़ेगा। बिजली वितरण कंपनियों ने मार्च 2024 से दरों में 10.2 प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया है। यह वृद्धि चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं पर एक साथ ज्यादा बोझ न पड़े।
कंपनियों का तर्क है कि उत्पादन लागत, ईंधन मूल्य और रखरखाव खर्च में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह कदम जरूरी हो गया है। नियामक आयोग से मंजूरी मिलने के बाद नई दरें लागू होंगी।
सूत्रों के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों वर्गों के उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ेगा, हालांकि निचले स्लैब वाले उपभोक्ताओं के लिए वृद्धि अपेक्षाकृत कम रखी जाएगी।
पृष्ठभूमि
पिछले वर्ष भी बिजली कंपनियों ने दरों में औसतन 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसका असर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर पड़ा था। तब भी कंपनियों ने बढ़ती लागत को वजह बताया था।
वृद्धि का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की वृद्धि से वार्षिक बिजली खर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए यह खर्च उत्पादन लागत को प्रभावित करेगा, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को मासिक बजट में समायोजन करना होगा।
नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। अंतिम निर्णय फरवरी के अंत तक आने की संभावना है।