विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अनुशासन और एकरूपता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किए गए ड्रेस कोड का विस्तार अब सचिवालय के अन्य कर्मचारियों तक किया जा रहा है। अधिकारियों और रिपोर्टर्स के बाद अब विधानसभा सचिवालय ने वाहन चालकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए भी तयशुदा वर्दी पहनना अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।
2 जनवरी तक बुलाए गए ऑफर, जल्द होगा अंतिम फैसला
इस बदलाव को लागू करने के लिए विधानसभा सचिवालय ने 2 जनवरी तक फर्मों से ऑफर आमंत्रित किए हैं। इन फर्मों से वर्दी के कपड़े और उससे जुड़ा अन्य आवश्यक सामान खरीदा जाएगा। ऑफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सचिवालय का लक्ष्य है कि बजट सत्र से पहले यह नई व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाए, ताकि सत्र के दौरान इसका प्रभाव साफ तौर पर दिखाई दे।
55 कर्मचारियों के लिए की जाएगी वर्दी की खरीदी
सचिवालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, कुल 23 वाहन चालकों और 32 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए वर्दी तैयार करवाई जानी है। सभी कर्मचारियों के लिए वर्दी के रंग और डिजाइन पहले ही तय कर दिए गए हैं, ताकि पहचान और अनुशासन दोनों बनाए रखे जा सकें।
ड्राइवर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तय हुई अलग-अलग वर्दी
वाहन चालकों के लिए ग्रे रंग का सफारी सूट तय किया गया है, जबकि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए नेवी ब्लू रंग का ब्लेजर बनवाने का निर्णय लिया गया है। सचिवालय का मानना है कि एक जैसी वर्दी से न सिर्फ कार्यस्थल पर अनुशासन बढ़ेगा, बल्कि कर्मचारियों की पहचान भी आसान होगी।
पहले ही लागू हो चुका है अधिकारियों और रिपोर्टर्स का ड्रेस कोड
गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई महीने में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान गर्भगृह में बैठने वाले अधिकारियों और विधानसभा रिपोर्टर्स के लिए भी ड्रेस कोड लागू किया जा चुका है। इसके तहत तय ड्रेस में ही सदन में उपस्थित रहने की व्यवस्था की गई थी। अब इसी क्रम में सचिवालय के अन्य कर्मचारियों को भी ड्रेस कोड के दायरे में लाया जा रहा है, जिससे विधानसभा परिसर में एकरूपता और मर्यादा सुनिश्चित की जा सके।