बेटी को बोझ नहीं, बल्कि समाज और देश के भविष्य की मजबूत नींव मानते हुए इंडेक्स हॉस्पिटल, इंदौर ने एक सराहनीय सामाजिक अभियान की शुरुआत की है। “बेटी है स्वर्ग की सीढ़ी, वो पढ़ेगी तो बढ़ेगी अगली पीढ़ी” के संदेश के साथ यह पहल कन्या जन्म को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण को मजबूती देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
5000 रुपये की एफडी से सुरक्षित होगा बेटी का भविष्य
इस विशेष अभियान के तहत इंडेक्स अस्पताल में जन्म लेने वाली प्रत्येक बेटी के नाम पर 5000 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट कराई जा रही है। यह एफडी भविष्य में बालिका की शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए आर्थिक सहारा बनेगी। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आर्थिक सहयोग के साथ-साथ सकारात्मक सामाजिक सोच भी बेहद जरूरी है।
शिक्षा और सशक्तिकरण पर केंद्रित है अभियान
यह पहल केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य समाज में फैले लैंगिक भेदभाव को खत्म करना और गिरते बाल लिंगानुपात के प्रति जागरूकता फैलाना है। अभियान के माध्यम से माता-पिता को यह संदेश दिया जा रहा है कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के समान अवसर मिलने चाहिए।
सामाजिक जिम्मेदारी निभा रहा अस्पताल प्रबंधन
मयंक वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन सुरेशसिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में इस योजना की शुरुआत की गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
बेटी का जन्म बने उत्सव
अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. स्वाति प्रशांत ने कहा कि बेटी का जन्म खुशी और उत्सव का विषय होना चाहिए। हर बेटी को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भर बनने के समान अवसर मिलने चाहिए। एफडी योजना के माध्यम से अस्पताल माता-पिता को यह भरोसा दिलाना चाहता है कि वह सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
अभियान के लिए हेल्पलाइन भी जारी
इंडेक्स हॉस्पिटल द्वारा इस अभियान से जुड़ी जानकारी और मार्गदर्शन के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकें और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा सकें।