RPL माहेश्वरी कॉलेज में प्राचार्य विवाद, राजीव झालानी को किया गया सस्पेंड

इंदौर के माहेश्वरी समाज के आरपीएल माहेश्वरी कॉलेज में लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच प्रोफेसर राजीव झालानी को प्रिंसिपल के पद से हटा दिया गया। सस्पेंशन के बाद उन्हें अब एसीपी कोर्ट सराफा में बाउंडओवर की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

कोर्ट में पेश हुआ मामला: धाराएं 126 और 135(3)

थाना प्रभारी छत्रीपुरा ने इस मामले में एसीपी कोर्ट में इश्तगासा पेश किया। प्रोफेसर झालानी और अन्य आरोपियों के खिलाफ धारा 126 व 135(3) लगाई गई है। इन धाराओं के तहत आरोपियों और गवाहों के बयान लेने के बाद बाउंडओवर की प्रक्रिया शुरू होगी, ताकि कॉलेज परिसर में भविष्य में किसी तरह का विवाद न उत्पन्न हो।

क्यों हुई कार्रवाई: ट्रस्ट बोर्ड का आरोप

प्रबंधन के अनुसार अक्टूबर में ट्रस्ट बोर्ड की बैठक के दौरान प्राचार्य झालानी को बंधक बनाकर रखा गया था। बाद में पुलिस सुरक्षा में उन्हें बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर जयकिशन साहू को प्रिंसिपल का प्रभार सौंपा गया। शुक्रवार को कॉलेज परिसर में छात्रों द्वारा विरोध और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद यह प्रतिबंधात्मक कार्रवाई आवश्यक समझी गई।

सस्पेंशन का कारण और झालानी की प्रतिक्रिया

प्रबंधन ने प्राचार्य को भेजे सस्पेंशन ऑर्डर में कहा कि उनके जरिए नोटिसों का जवाब नहीं दिया गया और टालमटोल की गई। इसलिए उन्हें सस्पेंड किया गया। वहीं, प्राचार्य झालानी इस कार्रवाई को अनुचित और गलत मानते हैं और विरोध जता रहे हैं।

छह महीने से चल रहा विवाद और ट्रस्ट के आरोप

छह महीने से जारी विवाद में ट्रस्ट अध्यक्ष पुरुषोत्तम पसारी और कॉलेज शिक्षण समिति के अध्यक्ष रामअवतार जाजू ने प्राचार्य को नोटिस जारी किए थे। ट्रस्ट ने आरोप लगाया कि प्राचार्य और स्टाफ ने बोर्ड बैठक के दौरान चार घंटे तक उन्हें बंधक बनाया और अशोभनीय व्यवहार किया। इसके बाद पुलिस को बुलाकर उन्हें बाहर निकाला गया। इस मामले में थाना और एसडीएम कोर्ट में भी केस दर्ज है और जांच जारी है।