सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, 81 लाख किसानों के खाते में भेजेंगे 1630 करोड़ रुपये, जानिए कब मिलेगी राशि

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दीपावली से ठीक पहले प्रदेश के किसानों को एक बड़ा तोहफा देने जा रहे हैं। राज्य सरकार 29 अक्टूबर को ‘मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना’ के तहत करोड़ों रुपये की राशि किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर करेगी। यह कार्यक्रम मंदसौर में आयोजित किया जा रहा है, जहां से सीएम यादव सिंगल क्लिक के जरिए राशि जारी करेंगे।

इस योजना के तहत प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा। सरकार कुल 1630 करोड़ रुपये की राशि वितरित करेगी। यह कदम त्योहारों के मौसम में किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

मंदसौर में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अक्टूबर को मंदसौर दौरे पर रहेंगे। यहीं से वह राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को संबोधित करेंगे और राशि का अंतरण करेंगे। इस दौरान वह मंदसौर में कई विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान भी शामिल होंगे।

क्या है मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना?

मध्य प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर ‘मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना’ की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इसके तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की राशि दी जाती है। यह राशि दो किस्तों में 2,000-2,000 रुपये करके दी जाती थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि के 6,000 रुपये और राज्य सरकार के 6,000 रुपये मिलाकर अब मध्य प्रदेश के किसानों को सालाना कुल 12,000 रुपये की सम्मान निधि प्राप्त होती है।

मेडिकल कॉलेज का भी करेंगे लोकार्पण

मंदसौर दौरे के दौरान सीएम मोहन यादव वहां नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज का भी लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही नीमच और सिवनी के मेडिकल कॉलेजों का भी वर्चुअली उद्घाटन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली इन मेडिकल कॉलेजों का शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पुरानी घोषणाओं पर अमल

इससे पहले भी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के हित में कई फैसले लिए हैं। सोयाबीन की फसल के लिए समर्थन मूल्य घोषित करने और उपार्जन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने जैसे कदम उठाए गए हैं। पिछली किस्तों का भुगतान भी समय पर किया गया था, जिससे किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में मदद मिली थी। सरकार का दावा है कि वह किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है।

दीपावली से पहले खातों में पैसे आने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है। किसान अपनी रबी की फसलों के लिए खाद-बीज का इंतजाम आसानी से कर सकेंगे।