मध्यप्रदेश में नए साल से बिजली बिल 15% महंगे, उपभोक्ताओं पर असर

मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नए साल की शुरुआत के साथ ही बढ़ी हुई दरों का सामना करना पड़ेगा। ऊर्जा विभाग ने घोषणा की है कि 1 जनवरी से बिजली बिलों में औसतन 15 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। इस संशोधित दर संरचना का असर घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक सभी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

ऊर्जा नियामक आयोग की बैठक में प्रस्तावित दर वृद्धि को मंजूरी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम बढ़ती उत्पादन लागत और वितरण व्यवस्था के रखरखाव खर्च को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

पिछले वर्षों में भी राज्य में बिजली दरों में समय-समय पर वृद्धि हुई है। 2017 के अंत में भी इसी तरह का संशोधन किया गया था, जिसके बाद उपभोक्ताओं की मासिक लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई थी।

घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर असर

नई दरों के लागू होने से घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक बिल में औसतन 100 से 200 रुपये तक की वृद्धि होने का अनुमान है। वहीं, औद्योगिक इकाइयों के लिए यह वृद्धि हजारों रुपये तक जा सकती है। छोटे व्यापारी वर्ग भी इस फैसले से प्रभावित होंगे।

दर वृद्धि के कारण

ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे लागत में वृद्धि हुई है। साथ ही, ग्रामीण और शहरी वितरण नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर भी भारी खर्च हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उपभोक्ता ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करें और अनावश्यक खपत कम करें, तो बढ़े हुए बिल का असर कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

नए साल में लागू होने वाली यह दर वृद्धि राज्य के लाखों उपभोक्ताओं के बजट पर सीधा असर डालेगी।