उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर लगाई रोक

उन्नाव रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को स्थगित कर दिया, जिसमें 23 दिसंबर 2025 को सेंगर की सजा निलंबित कर जमानत देने का फैसला किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच, जिसकी अगुवाई चीफ जस्टिस सुर्या कांत कर रहे थे, ने मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए यह रोक लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट के आदेश के आधार पर सेंगर को रिहा नहीं किया जाएगा।

पृष्ठभूमि

कुलदीप सिंह सेंगर उन्नाव जिले के एक चर्चित बलात्कार मामले में दोषी पाए गए थे। नाबालिग पीड़िता ने 2017 में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया। दिल्ली की निचली अदालत ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में सजा को निलंबित करते हुए सेंगर को जमानत देने का फैसला सुनाया था। इस आदेश के खिलाफ याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप

सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए फिलहाल हाई कोर्ट का आदेश लागू नहीं होगा। अदालत ने आगे की सुनवाई तक जमानत पर रोक बरकरार रखने का निर्देश दिया।

इस फैसले के साथ सेंगर को जेल में ही रहना होगा और मामले की अगली सुनवाई में अदालत आगे का निर्णय लेगी।