Chhatarpur News : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में रविवार, 17 मार्च को कांग्रेस नेत्री निधि चतुर्वेदी ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर सीधा हमला बोला।
यह पोस्ट पूर्व राज्यसभा सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी की बेटी निधि द्वारा लिखी गई थी, जिसमें उन्होंने दिग्विजय सिंह के हालिया बयान को पार्टी की विचारधारा के खिलाफ बताया।
निधि ने पोस्ट का शीर्षक ‘वैचारिक दोगलापन या घर वापसी की छटपटाहट?'</em रखा और लिखा कि इस बयान ने राहुल गांधी से लेकर आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा के खिलाफ काम कर रहे कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह ने विपक्षी खेमे का गुणगान कर कांग्रेस के वैचारिक संघर्ष को कमजोर किया।
पार्टी में भूमिका और असर
निधि चतुर्वेदी ने कहा कि पिछले दो दशकों में दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश की राजनीति में लगातार हस्तक्षेप किया है। संगठनात्मक फैसले, नेतृत्व चयन और राजनीतिक दिशा तय करने में उनकी निर्णायक भूमिका रही, जिसका परिणाम यह हुआ कि कई समर्पित नेता हाशिए पर चले गए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को विपक्ष से जितना नुकसान नहीं हुआ, उससे अधिक नुकसान अंदरूनी गुटबाजी और व्यक्ति-केंद्रित राजनीति से हुआ।
ऐतिहासिक संदर्भ
पोस्ट में निधि ने दिग्विजय सिंह के पारिवारिक राजनीतिक इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राघोगढ़ राजघराने की जड़ें हिंदू महासभा से जुड़ी रही हैं। आरएसएस नेता राम माधव के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए उन्होंने लिखा कि दिग्विजय सिंह के पिता बलभद्र सिंह 1951–52 के पहले आम चुनाव में राघोगढ़ से निर्दलीय प्रत्याशी थे, जिन्हें हिंदू महासभा और भारतीय जनसंघ का समर्थन प्राप्त था। साथ ही स्वयं दिग्विजय सिंह ने नगरपालिका अध्यक्ष का पद हिंदू महासभा के नामांकित सदस्य के रूप में संभाला था।
कांग्रेस नेतृत्व से मांग
निधि ने कांग्रेस हाईकमान से तुरंत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह का यह व्यवहार अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है और पार्टी की साख बचाने के लिए उन्हें निष्कासित किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि कांग्रेस को अब ऐसे नेताओं की आवश्यकता है जिनकी विचारधारा को लेकर कोई संशय न हो।
इस पोस्ट के बाद प्रदेश में कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया का इंतजार है।