इंदौर पालाखेड़ी में 50 बीघा जमीन पर 10 साल से अवैध कब्जा, प्राधिकरण भी रहा नाकाम

Indore News : इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) पिछले दस वर्षों से सुपर कॉरिडोर के पालाखेड़ी क्षेत्र में 50 बीघा से अधिक जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने में विफल रहा है। यह जमीन पहले योजना क्रमांक 176 में थी, जिसे बाद में टीपीएस-10 में शामिल किया गया।

यहां पूर्व कांग्रेस विधायक भल्लू यादव के परिजनों की लगभग 30 बीघा जमीन मालिकाना हक में है, जबकि इतनी ही जमीन पर उनके कथित अवैध कब्जे हैं।

सूत्रों के अनुसार इन जमीनों पर कब्जे के मामलों में कोर्ट में विवाद जारी है। जब भी प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंचती है, कब्जाधारी लोग विरोध और दुव्र्यवहार कर उन्हें लौटने पर मजबूर कर देते हैं। हाल ही में आईडीए के सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े भी अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, लेकिन विरोध के चलते टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।

योजना और विकास कार्य अटके

टीपीएस-10 के तहत 220 हेक्टेयर में बड़ा बांगड़दा, पालाखेड़ी, टिगरिया बादशाह और लिम्बोदागारी क्षेत्र में आवासीय योजना प्रस्तावित है। इसमें मास्टर प्लान की सड़कों, आंतरिक मार्ग, ड्रेनेज, स्टॉर्म वॉटर लाइन और बगीचे जैसे विकास कार्य शामिल हैं। बोर्ड से योजना के लिए 794 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है और टेंडर जारी हो चुके हैं, मगर कब्जे के कारण काम शुरू नहीं हो सका है।

विवाद और बातचीत

सीईओ डॉ. झाड़े ने बताया कि कब्जाधारियों को दफ्तर बुलाकर चर्चा की गई है और सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं। आवश्यक होने पर अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं, कब्जाधारियों का कहना है कि कोर्ट में मामला लंबित है, और जमीन प्राधिकरण को देने पर उनकी कानूनी लड़ाई खत्म हो जाएगी।

प्राधिकरण की टीमें अब तक कई बार मौके पर जाकर लौट चुकी हैं। विरोध, गाली-गलौज और धमकियों के चलते न विकास कार्य शुरू हो पा रहा है और न ही ठेकेदारों को काम करने दिया जा रहा है।