महाकाल मंदिर उज्जैन: नित्य दर्शनार्थियों का फूटा गुस्सा, अवंतिका द्वार पर धरने पर उतरे

Ujjain : विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में दर्शन व्यवस्था में बार-बार हो रहे बदलावों के विरोध में आज नित्य दर्शनार्थी भक्तों का आक्रोश फूट पड़ा। मंदिर समिति द्वारा नित्य दर्शनार्थियों को ‘अवंतिका द्वार’ से प्रवेश देने के बजाय चार धाम मंदिर से लंबी कतार में लगकर आने के आदेश जारी किए गए थे। इस निर्णय के विरोध में भक्तों ने मंदिर के गेट पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

नारेबाजी और प्रदर्शन

नित्य दर्शनार्थी समिति के अध्यक्ष रवि राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भक्त एकत्रित हुए। उपाध्यक्ष महेंद्र कटिहार ने बताया कि प्रशासन के अड़ियल रवैये के कारण भक्तों को मजबूरन प्रदर्शन करना पड़ा। लगभग एक घंटे तक ‘भक्त और भगवान की जय’ और ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारों से पूरा महाकाल लोक गूँज उठा। भक्तों का तर्क है कि जो श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन के लिए आते हैं, उनके लिए पुरानी व्यवस्था (अवंतिका द्वार) ही सुलभ है।

प्रशासन को झुकना पड़ा

हंगामे और विरोध को बढ़ता देख मंदिर समिति के अधिकारी मौके पर पहुँचे। भक्तों के कड़े विरोध के बाद अंततः अधिकारियों ने पुन: गेट खोलने का निर्णय लिया, जिसके बाद ही धरना समाप्त हुआ। रवि राय ने मंदिर प्रशासक और अन्य अधिकारियों को चेतावनी दी है कि नित्य दर्शनार्थियों की स्थापित व्यवस्था के साथ बार-बार छेड़छाड़ न की जाए। भक्तों ने माँग की है कि भविष्य में इस तरह के किसी भी निर्णय को लागू करने से पहले समिति के प्रतिनिधियों से चर्चा की जाए।