इंदौर शहर के सबसे व्यस्त बायपास चौराहों में शामिल एमआर-10 जंक्शन पर बन रहा थ्री-लेयर ब्रिज अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। यहां अंडरपास के लिए की जा रही खुदाई का काम लगभग पूरा होने वाला है और टनल तैयार होते ही इसके ऊपर सड़क निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। वहीं ओवरब्रिज का निर्माण भी तेज गति से जारी है। एनएचएआई का दावा है कि यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार चला, तो मई 2026 से इस बहुप्रतीक्षित थ्री-लेयर ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी, जिससे इंदौरवासियों को लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक समस्या से राहत मिलेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एमआर-10 जंक्शन पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत करीब दो साल पहले की थी। इस प्रोजेक्ट के तहत एमआर-10 से बायपास की दूसरी ओर अंडरपास बनाया जा रहा है, ताकि वाहन मुख्य बायपास के नीचे से आसानी से क्रॉसिंग कर हरदा की दिशा में जा सकें। अभी क्रॉसिंग की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन चालक गलत साइड से गुजरने को मजबूर होते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। अंडरपास के चालू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
निर्माण एजेंसी के अनुसार, ओवरब्रिज के हिस्से में करीब एक महीने पहले ही लगभग 50 टनल लॉन्च की जा चुकी हैं। अंडरपास की टनल खुदाई के चलते फिलहाल वाहनों का डायवर्जन किया गया है, जिससे लोगों को थोड़ी असुविधा जरूर हो रही है, लेकिन काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव का कहना है कि ओवरब्रिज और अंडरपास—दोनों का काम तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है और मई 2026 तक ट्रैफिक शुरू होने की पूरी संभावना है।
एमआर-10 जंक्शन की खास बात यह है कि यह इंदौर बायपास का एक ऐसा पॉइंट है, जहां से तीन राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ेंगे। आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर पहले से बायपास मौजूद है। अब सुपर कॉरिडोर इंदौर-अहमदाबाद एनएच भी इसी जंक्शन से कनेक्ट हो रहा है। इसके अलावा नए बायपास के निर्माण के बाद यहां से इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे को भी जोड़ा जाएगा। यानी यह जंक्शन भविष्य में इंदौर के सबसे बड़े ट्रैफिक हब के रूप में विकसित होगा।
नया हाईवे इंदौर के सबसे बड़े मॉल के पास से होकर बायपास से जुड़ेगा, जिसे ध्यान में रखते हुए यहां त्रिस्तरीय ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इस नए बायपास के शुरू होने से देवगुराड़िया, खुडैल और डबल चौकी मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा। साथ ही, नए मार्ग के आसपास आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी, जिससे इलाके के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। कुल मिलाकर, एमआर-10 थ्री-लेयर ब्रिज इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरगामी कदम साबित होने वाला है।