नववर्ष से पहले बड़ी प्रशासनिक सौगात, मध्यप्रदेश में 176 IAS, IPS और SAS अधिकारियों को मिलेगा प्रमोशन, आज जारी होंगे आदेश

मध्यप्रदेश के प्रशासनिक तंत्र में लंबे समय से जिस बड़े बदलाव का इंतजार किया जा रहा था, वह अब हकीकत बनने जा रहा है। राज्य सरकार बुधवार, 31 दिसंबर को 176 अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी करने वाली है। इस फैसले से आईएएस, आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के कई अफसरों को नई जिम्मेदारियां मिलेंगी। लंबे समय से अटकी डीपीसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा और स्थिरता आने की उम्मीद है। कुल मिलाकर 97 आईएएस-आईपीएस और 79 एसएएस अधिकारियों को प्रमोशन दिया जाएगा।

आईपीएस कैडर में सबसे अहम बदलाव शीर्ष स्तर पर देखने को मिलेगा। 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आशुतोष राय को स्पेशल डीजी के पद पर पदोन्नत किया जा रहा है। वे 1 जनवरी 2026 से नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इसी बैच के प्रमोद वर्मा को एडीजी बनाया जाएगा। आशुतोष राय के प्रमोशन के बाद वरिष्ठता क्रम में आगे राजाबाबू सिंह और डीपी गुप्ता का नंबर आएगा। वहीं, अनंत कुमार सिंह और मनमीत सिंह नारंग फिलहाल प्रदेश से बाहर प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण प्रोफार्मा प्रमोशन दिए जाएंगे, जिससे उनकी वरिष्ठता प्रभावित न हो।

आईएएस कैडर में सचिव और प्रमुख सचिव स्तर पर भी अहम फेरबदल होने जा रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव एम. सेलवेंद्रम को प्रमुख सचिव के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, सचिव स्तर पर एक-दो अधिकारियों के तबादले संभव हैं, लेकिन अधिकांश अधिकारियों को मौजूदा पद पर रहते हुए ही प्रमोशन मिलेगा। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह और सीपीआर में पदस्थ दीपक सक्सेना सचिव पद पर पदोन्नति के बाद भी अपनी वर्तमान जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।

2010 बैच के आईएएस अधिकारियों के लिए यह डीपीसी खास मानी जा रही है। उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह, आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल और स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी समेत कई अधिकारियों को सचिव पद पर पदोन्नत किया जाएगा। इसके अलावा कुछ अफसरों को अपर सचिव और सिलेक्शन ग्रेड का लाभ भी मिलेगा। कुल मिलाकर लगभग 71 आईएएस अधिकारी इस प्रमोशन सूची में शामिल हैं, जिससे प्रशासन के मध्य और वरिष्ठ स्तर पर लंबे समय से खाली पद भर सकेंगे।

पुलिस प्रशासन में भी इस डीपीसी का व्यापक असर दिखेगा। आईपीएस कैडर के कुल 26 अधिकारियों को पदोन्नति दी जाएगी। 2008 बैच के शियष ए, जयदेवन ए और ललित शाक्यवार को आईजी पद पर प्रमोट किया जाएगा। इसके साथ ही 11 अधिकारियों को डीआईजी और 10 अधिकारियों को सिलेक्शन ग्रेड के तहत एसएसपी बनाया जाएगा। इन प्रमोशनों से पुलिस महकमे में कमांड स्ट्रक्चर मजबूत होगा और फील्ड लेवल पर फैसले लेने की क्षमता बढ़ेगी।

राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए भी यह डीपीसी राहत लेकर आई है। एसएएस कैडर के 79 अधिकारियों को पदोन्नति दी जा रही है, जिनमें डिप्टी कलेक्टर, ज्वाइंट कलेक्टर और एडिशनल कलेक्टर स्तर की पदोन्नतियां शामिल हैं। कई अधिकारियों को सीनियर स्केल का लाभ भी मिलेगा। इससे जिला और संभाग स्तर पर प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, सभी अधिकारियों के लिए यह डीपीसी खुशखबरी नहीं लाई है। आईएएस के पांच और एसएएस के 25 अधिकारियों को डीपीसी में अनफिट घोषित किया गया है। इन अधिकारियों को अब प्रमोशन के लिए कम से कम एक साल और इंतजार करना होगा। प्रशासन का कहना है कि सभी कैडर के मामलों में नियमानुसार मूल्यांकन किया गया है और इसी महीने सभी जरूरी क्लियरेंस मिलने के बाद आदेश जारी किए जा रहे हैं।

इस साल विभागीय जांच और शासकीय दंड से जुड़े मामलों में भी बड़ी राहत मिली है। 2025 में कुल 23 एसएएस अधिकारियों को क्लीन चिट दी गई है, जिनमें से 13 अधिकारियों को अब प्रमोशन का लाभ मिलेगा। शेष 10 अधिकारियों को दंड की अवधि पूरी होने के बाद पदोन्नति दी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, यह पहला मौका है जब एक ही साल में इतनी बड़ी संख्या में एसएएस अधिकारियों के लंबित मामलों का निपटारा किया गया है।

इसी बीच, मध्यप्रदेश कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी वीरेंद्र कुमार मिश्रा को केंद्र में अहम जिम्मेदारी मिली है। उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय में उप सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। वे जल्द ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे और राज्य सरकार उन्हें शीघ्र रिलीव करेगी। यह नियुक्ति राज्य कैडर के लिए भी सम्मान की बात मानी जा रही है।