Breaking News : इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी का मामला अब शहर ही नहीं बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है. इस मामले में एक बड़ी खबर इस वक्त इंदौर से आ रही है बता दे कि गंदे पानी के शिकार हुए मरीजों से मिलने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इंदौर पहुंचे है और वर्मा नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों का हाल जान उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया गया है. बता दे कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पिने से लगभग 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है वहीं 150 से ज्यादा लोग शहर के अलग-अलग पांच अस्पतालों में भर्ती है. पूरे मामले को लेकर पूरा प्रशासनिक अमला सक्रीय नजर आ रहा है.
हालाकि, प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर फिलहाल 4 मौतों (नंदराम, उर्मिला और ताराबाई) की ही पुष्टि की है, जिन्हें डायरिया से पीड़ित बताया गया है। लेकिन स्थानीय सूत्रों और अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त है।
मुख्यमंत्री का इंदौर दौरा आज
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव आज इंदौर के भागीरथपुरा पहुंच चुके है। जहां मुख्यमंत्री मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे है और अस्पतालों में भर्ती मरीजों का हाल जान रहे है। गौरतलब है कि प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं कि आखिर स्वच्छता में नंबर-1 शहर की पाइपलाइनों में सीवेज का पानी कैसे मिल गया?
अस्पतालों में भारी भीड़, 100 बेड का विशेष वार्ड तैयार
इस जल त्रासदी ने सैकड़ों लोगों को बीमार कर दिया है। वर्तमान में अलग-अलग अस्पतालों में 111 लोग भर्ती हैं। सबसे गंभीर स्थिति अरबिंदो अस्पताल में है, जहाँ 3 मरीज आईसीयू में जीवन-मौत की जंग लड़ रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के निर्देश पर 100 बेड वाली एक अलग यूनिट तैयार की गई है।
अस्पतालों का हाल:
वर्मा हॉस्पिटल: 30 मरीज
ईएसआईसी हॉस्पिटल: 11 मरीज
त्रिवेणी और अरबिंदो: क्रमशः 7 और 6 मरीज
मृतकों की सूची और क्षेत्र में मातम
क्षेत्र की गोमती रावत, उमा कोरी, संतोष बिगोलिया, नंदलाल पाल और सीमा प्रजापत जैसे कई नागरिकों ने इस लापरवाही के कारण अपनी जान गंवाई है। भागीरथपुरा की गलियों में सन्नाटा पसरा है और लोग अब नल के पानी का उपयोग करने से डर रहे हैं।