देश में सड़क परिवहन और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में बुधवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर कुल 20,668 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के इस फैसले से न सिर्फ सफर आसान होगा, बल्कि यात्रा में लगने वाला समय, ईंधन खर्च और माल ढुलाई की लागत भी कम होगी। इसका सीधा फायदा आम लोगों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग जगत को मिलने वाला है।
महाराष्ट्र को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा, 19 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ महाराष्ट्र को मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने नासिक–सोलापुर–अक्कलकोट कॉरिडोर के निर्माण को हरी झंडी दी है, जिसके लिए 19,142 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। यह एक आधुनिक 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा, जिसे पूरी तरह नए रूट पर विकसित किया जाएगा। इस सड़क को तेज, सुरक्षित और निर्बाध यात्रा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
पश्चिम से पूर्व तक मजबूत होगा कनेक्शन
यह कॉरिडोर केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि देश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को जोड़ने वाली एक अहम कड़ी साबित होगा। इसके जरिए नासिक, अहिल्यानगर (अहमदनगर), धाराशिव और सोलापुर जैसे बड़े शहरों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। रणनीतिक रूप से यह मार्ग दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन चेन्नई–कुरनूल कॉरिडोर के बीच सेतु का काम करेगा। इससे यात्रियों के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा फायदा होगा।
17 घंटे तक कम होगा सफर का समय
आम यात्रियों के लिए यह परियोजना बड़ी राहत लेकर आने वाली है। मौजूदा हालात में जिस दूरी को तय करने में काफी वक्त लगता है, वह इस नए कॉरिडोर के बनने के बाद लगभग 17 घंटे कम हो जाएगी। इतना ही नहीं, यात्रा की कुल दूरी भी करीब 201 किलोमीटर घट जाएगी। इस सड़क को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के अनुसार तैयार किया जा रहा है, जबकि औसत गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे मानी गई है। इससे लंबा और थकाने वाला सफर काफी हद तक आसान और आरामदायक बन जाएगा।
ईंधन बचेगा, प्रदूषण भी होगा कम
सरकार के अनुसार, इस नए कॉरिडोर से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत में भी कमी आएगी। इससे पर्यावरण पर पड़ने वाला नकारात्मक असर घटेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। साथ ही, यह प्रोजेक्ट लंबे समय से मांग में रहे पुणे–नासिक एक्सप्रेसवे की जरूरतों को भी काफी हद तक पूरा करेगा।
ओडिशा के आदिवासी इलाकों को भी मिलेगा विकास का रास्ता
महाराष्ट्र के साथ-साथ ओडिशा के लिए भी सरकार ने एक अहम सड़क परियोजना को मंजूरी दी है। 1,562 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग-326 (NH-326) का चौड़ीकरण किया जाएगा। यह सड़क गजपति, रायगड़ा और कोरापुट जैसे आदिवासी बहुल और पहाड़ी जिलों से होकर गुजरेगी, जहां अब तक कनेक्टिविटी बड़ी चुनौती रही है।
उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य को मिलेगा बढ़ावा
NH-326 के चौड़ा होने से मोहना, रायगड़ा, लक्ष्मीपुर और कोरापुट जैसे इलाकों की सीधी पहुंच बड़े आर्थिक गलियारों से हो जाएगी। इससे रायपुर–विशाखापत्तनम कॉरिडोर और गोपालपुर बंदरगाह तक पहुंच आसान बनेगी। इस क्षेत्र में नाल्को, वेदांता और जेके पेपर जैसी बड़ी कंपनियां मौजूद हैं, जिन्हें बेहतर सड़क से लॉजिस्टिक्स में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, कोरापुट स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज जाने वाले छात्रों और मरीजों के लिए भी सफर पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगा।
रोजगार और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति
इन दोनों परियोजनाओं से सिर्फ सड़क नेटवर्क ही मजबूत नहीं होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण कार्य के दौरान और बाद में भी इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। कुल मिलाकर, सरकार का यह फैसला देश की इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ को नई रफ्तार देने वाला माना जा रहा है।