भागीरथपुरा घटना के बाद मुख्यमंत्री की सक्रियता, MGM कॉलेज में हुई अहम बैठक

भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई हालिया घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्वरित संज्ञान लेते हुए एमजीएम कॉलेज में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, नगरीय निकायों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि भविष्य में ऐसी पीड़ादायक और चिंताजनक परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए ठोस व्यवस्था के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा कि भागीरथपुरा जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी इंतजाम किए जाएं। उन्होंने व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जोखिम वाले इलाकों की पहचान कर वहां पहले से आवश्यक सुरक्षा और प्रबंधन के उपाय लागू किए जाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संसाधनों की कमी होगी तो तुरंत की जाएगी पूर्ति

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि यदि किसी विभाग में संसाधनों या कर्मचारियों की कमी है, तो उसे तुरंत पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में स्टाफ, उपकरण या अन्य संसाधनों की कमी आड़े नहीं आनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त अधिकारी और कर्मचारी तुरंत तैनात किए जाएंगे।

प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे प्रमुख सचिव

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय दुबे प्रभावित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे। दौरे के दौरान वे मौके की स्थिति का जायजा लेंगे और स्थानीय अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएंगे। इस निरीक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझना और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।

प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने बैठक के अंत में सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो, इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। सरकार का लक्ष्य है कि जनता को सुरक्षित वातावरण मिले और किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत राहत एवं सहायता पहुंचाई जा सके।