मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 के आगमन से पहले राज्य शासन की आधिकारिक गतिविधियों को नई दिशा देते हुए शासन के 2026 के कैलेंडर, शासकीय डायरी, शीट कैलेंडर और नोटबुक का विधिवत विमोचन किया। यह कार्यक्रम केवल औपचारिक विमोचन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें शासन की कार्यसंस्कृति, समयबद्धता और योजनाबद्ध प्रशासन की झलक भी साफ दिखाई दी। मुख्यमंत्री ने इन प्रकाशनों को शासकीय कार्यों के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शासकीय कैलेंडर और डायरी केवल तारीखों और सूचनाओं का संकलन नहीं होते, बल्कि ये प्रशासनिक अनुशासन, समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का प्रतीक होते हैं। इन माध्यमों से अधिकारियों और कर्मचारियों को न केवल अवकाश, पर्व और महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी मिलती है, बल्कि शासन की प्राथमिकताओं और दिशा का भी बोध होता है। वर्ष 2026 के लिए तैयार यह सामग्री इसी सोच के साथ डिजाइन की गई है।
विमोचित किए गए शासकीय कैलेंडर और शीट कैलेंडर में राष्ट्रीय पर्वों, प्रदेश के प्रमुख उत्सवों, ऐतिहासिक दिवसों और शासकीय अवकाशों को आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया गया है। वहीं शासकीय डायरी को इस तरह तैयार किया गया है कि अधिकारी अपने दैनिक कार्य, बैठकों और महत्वपूर्ण निर्णयों को आसानी से दर्ज कर सकें। इसके साथ ही नोटबुक को भी उपयोगिता और सादगी को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, ताकि यह रोजमर्रा के शासकीय कामकाज में सहायक बने।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी कहा कि शासन का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। ऐसे में शासकीय डायरी और कैलेंडर जैसे साधन प्रशासन को अधिक संगठित और जवाबदेह बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2026 के ये प्रकाशन प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारी, विभागीय प्रतिनिधि और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा समय के साथ कदम मिलाकर चलने और आधुनिक प्रशासनिक संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर और डायरी का विमोचन आने वाले साल के लिए बेहतर योजना, समन्वय और सुशासन की मजबूत शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।