MPPSC 2026: राज्य सेवा परीक्षा में अब नेगेटिव मार्किंग, 155 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी, 16 फरवरी को होगी परीक्षा

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा परीक्षा 2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। आयोग ने इस बार परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव किए हैं, जो उम्मीदवारों के लिए जानना बेहद जरूरी है। सबसे प्रमुख बदलाव नेगेटिव मार्किंग को लेकर है, जिसे अब प्रारंभिक परीक्षा में लागू कर दिया गया है।

आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 का आयोजन 16 फरवरी 2026 को किया जाएगा। इस परीक्षा के माध्यम से कुल 155 पदों पर भर्तियां की जाएंगी। यह उन अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा अवसर है जो लंबे समय से प्रशासनिक सेवाओं में जाने की तैयारी कर रहे हैं।

नेगेटिव मार्किंग का नया नियम

इस बार की सबसे बड़ी खबर यह है कि आयोग ने ‘तुक्का’ लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए नेगेटिव मार्किंग शुरू कर दी है। अब प्रत्येक गलत उत्तर के लिए दंड स्वरूप अंक काटे जाएंगे। नए नियमों के अनुसार:

प्रत्येक प्रश्न के चार संभावित उत्तर (A, B, C, D) होंगे। उम्मीदवारों को ओएमआर शीट में केवल एक सही विकल्प को गोला करना होगा। यदि कोई उम्मीदवार एक से अधिक गोले भरता है, तो उसे गलत उत्तर माना जाएगा।

अंक कटौती का गणित:
प्रत्येक गलत उत्तर के लिए प्रश्न के कुल अंकों का एक तिहाई (1/3) हिस्सा काटा जाएगा। इसका मतलब है कि अगर कोई प्रश्न 3 अंक का है, तो गलत जवाब देने पर 1 अंक कम हो जाएगा।

हालांकि, यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देता है या उसे खाली छोड़ देता है, तो उसके लिए कोई अंक नहीं काटा जाएगा। यह नियम केवल गलत उत्तरों पर ही लागू होगा।

आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें

इच्छुक उम्मीदवार एमपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया की समय-सीमा इस प्रकार है:

आवेदन शुरू होने की तारीख: 19 दिसंबर 2025 (दोपहर 12 बजे से)
आवेदन की अंतिम तारीख: 18 जनवरी 2026 (दोपहर 12 बजे तक)
त्रुटि सुधार: आवेदन में गलती सुधारने के लिए विंडो 23 दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी। इसके लिए प्रति सुधार 50 रुपये का शुल्क देना होगा।

परीक्षा केंद्र और प्रवेश पत्र

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 8 फरवरी 2026 से आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाएंगे। परीक्षा प्रदेश के 55 जिला मुख्यालयों पर आयोजित की जाएगी।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र का आवंटन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। यानी जो उम्मीदवार पहले आवेदन करेंगे, उन्हें उनकी पसंद का परीक्षा केंद्र मिलने की संभावना अधिक होगी। यदि किसी केंद्र की क्षमता पूरी हो जाती है, तो बाद में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को अन्य शहर या केंद्र आवंटित किए जा सकते हैं।

आयु सीमा और पात्रता

गैर-वर्दीधारी पदों के लिए आयु सीमा 21 से 40 वर्ष तय की गई है। वहीं, वर्दीधारी पदों के लिए यह सीमा 21 से 33 वर्ष रखी गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग और महिलाओं के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट का प्रावधान है, जिससे उनके लिए अधिकतम आयु 45 वर्ष और वर्दीधारी पदों के लिए 38 वर्ष हो जाएगी।

शैक्षणिक योग्यता के तौर पर उम्मीदवार का स्नातक (Graduation) होना अनिवार्य है। इसके अलावा, जो छात्र स्नातक के अंतिम वर्ष में हैं, वे भी इस परीक्षा के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।

पदों का विवरण

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 155 पद भरे जाएंगे। इनमें डिप्टी कलेक्टर के 6 पद, डीएसपी के 11 पद, वाणिज्यिक कर अधिकारी के 2 पद और आबकारी उप निरीक्षक के 2 पद शामिल हैं। अन्य पद विभिन्न विभागों में वितरित हैं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से एमपीपीएससी अपनी परीक्षाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता लाने के प्रयास कर रहा है। नेगेटिव मार्किंग का यह कदम इसी दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है, ताकि गंभीर और योग्य उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित किया जा सके।