MP Weather: मध्यप्रदेश में मौसम ने ली करवट, पचमढ़ी में सबसे ज्यादा ठंड, ग्वालियर-चंबल में बारिश के आसार

मध्य प्रदेश में नए साल 2026 का आगाज कड़ाके की ठंड के साथ हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी में ठंड का असर सबसे ज्यादा है, जहां रात का तापमान लुढ़ककर 4.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में सर्दी का सितम और बढ़ने के आसार हैं।

प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। सुबह के समय इन इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक रह गई। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और लोगों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद कम है।

ग्वालियर-चंबल में कोहरे का येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी सुबह के समय धुंध छाई रह सकती है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है।

प्रमुख शहरों का तापमान

राजधानी भोपाल में भी रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। यहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी ठंड का असर बढ़ गया है। नौगांव, खजुराहो और उमरिया जैसे स्थानों पर भी न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है।

किसानों के लिए सलाह

बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सलाह दी है। पाले की आशंका को देखते हुए फसलों में हल्की सिंचाई करने को कहा गया है। विशेष रूप से सब्जी और दलहनी फसलों को बचाने के लिए एहतियात बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भी जनवरी की शुरुआत में प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ती रही है। पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे रहा है। लोगों को ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है और अलाव जलाकर राहत पानी पड़ रही है।