खंडवा। मध्य प्रदेश में सड़क परिवहन के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी परियोजना आकार ले रही है। इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर मोरटक्का के पास नर्मदा नदी पर एक विशाल सिक्स लेन पुल का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की कुल लागत लगभग 140 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह पुल न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि इंदौर से खंडवा और बुरहानपुर की कनेक्टिविटी को भी नई रफ्तार देगा।
नर्मदा नदी पर बन रहे इस नए पुल की लंबाई 1275 मीटर है। यह पुल पुराने एक्वाडक्ट पुल के समानांतर बनाया जा रहा है। निर्माण एजेंसी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का काम अब तक 30 प्रतिशत पूरा हो चुका है। पिलर खड़े करने का काम तेजी से चल रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल बारिश से पहले या उसके तुरंत बाद इस पर यातायात शुरू हो सकता है।
कनेक्टिविटी को मिलेगी नई दिशा
इंदौर-इच्छापुर हाईवे प्रदेश के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। वर्तमान में मोरटक्का में स्थित पुराना पुल काफी संकरा और जर्जर हो चुका है। भारी बारिश के दौरान अक्सर पुराने पुल पर पानी आ जाने से यातायात रोकना पड़ता है। नया सिक्स लेन ब्रिज बनने से इन समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। यह पुल सीधे फोरलेन सड़क से जुड़ेगा, जिससे वाहनों की गति और सुरक्षा दोनों बढ़ेगी।
निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नदी के बीच में कुल 28 पिलर बनाए जाने हैं। इनमें से 14 पिलर का काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष पर काम जारी है। पुल के निर्माण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि इसे बाढ़ और भारी यातायात का दबाव सहने योग्य बनाया जा सके। निर्माण कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि काम निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पुराने पुल का विकल्प
गौरतलब है कि मोरटक्का में मौजूद ब्रिटिशकालीन पुल काफी पुराना हो चुका है। इसकी जर्जर हालत को देखते हुए कई बार भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगानी पड़ती है। नए सिक्स लेन ब्रिज के तैयार होने के बाद पुराने पुल पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। यह नया ब्रिज न केवल मध्य प्रदेश बल्कि महाराष्ट्र की ओर जाने वाले यातायात के लिए भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
महत्वपूर्ण तथ्य एक नजर में
इस परियोजना से जुड़े कुछ प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कुल लागत: 140 करोड़ रुपये
- पुल की लंबाई: 1275 मीटर
- लेन की संख्या: 6 लेन
- पिलर की संख्या: 28
- पूर्ण होने की समय सीमा: 2025 (संभावित)
स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई (NHAI) इस प्रोजेक्ट की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि गुणवत्ता और समय सीमा का पालन सुनिश्चित किया जा सके। इस पुल के बनने से क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।