भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में अब सादे कपड़ों में तैनात होंगे जवान, सुरक्षा मॉडल में बड़ा बदलाव

रेल यात्रा को सुरक्षित बनाने की दिशा में रेलवे प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब ट्रेनों में सुरक्षाकर्मी वर्दी पहनकर नहीं, बल्कि सादे कपड़ों में गश्त करते नजर आएंगे। यह नया सुरक्षा मॉडल विशेष रूप से भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों में लागू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराधियों को चकमा देना और चोरी या लूट जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है।

अक्सर देखा गया है कि वर्दीधारी पुलिसकर्मियों को देखकर अपराधी सतर्क हो जाते हैं और अपनी गतिविधियों को अंजाम देने से बचते हैं। जैसे ही पुलिस की गश्त आगे बढ़ती है, वे दोबारा सक्रिय हो जाते हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने यह संयुक्त रणनीति तैयार की है।

यात्रियों के बीच घुल-मिलकर रहेगी नजर

इस नई व्यवस्था के तहत, सुरक्षाकर्मी आम यात्रियों की तरह ही बोगियों में सफर करेंगे। वे यात्रियों के बीच घुल-मिलकर बैठेंगे, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना आसान होगा। सादे कपड़ों में तैनात ये जवान विशेष रूप से उन कोचों पर नजर रखेंगे जहां भीड़ अधिक होती है या जहां से चोरी की शिकायतें ज्यादा आती हैं।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि ‘सरप्राइज एलिमेंट’ होने के कारण अपराधी अब आसानी से वारदात को अंजाम नहीं दे पाएंगे। उन्हें यह पता ही नहीं चलेगा कि उनके बगल में बैठा व्यक्ति कोई यात्री है या सुरक्षाकर्मी।

त्योहारों और छुट्टियों में विशेष सतर्कता

आने वाले दिनों में त्योहारों और गर्मियों की छुट्टियों के कारण ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ होने की संभावना है। ऐसे समय में चोर और जेबकतरे ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा है। भोपाल, रानी कमलापति और इटारसी जैसे प्रमुख स्टेशनों से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में इस मॉडल को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।

खुफिया नेटवर्क को भी किया जाएगा मजबूत

सिर्फ ट्रेनों के भीतर ही नहीं, बल्कि स्टेशनों और प्लेटफॉर्म पर भी खुफिया निगरानी बढ़ाई जाएगी। संदिग्ध लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग भी तेज कर दी गई है। इसके अलावा, आरपीएफ का खुफिया विंग भी सक्रिय रहेगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से पहले ही रोका जा सके।

सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर या टीटीई को दें। इस नए सुरक्षा मॉडल से उम्मीद की जा रही है कि रेल अपराधों में कमी आएगी और यात्री बिना किसी डर के अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।