उज्जैन स्टेशन पर यात्री को आया हार्ट अटैक, GRP हेड कॉन्स्टेबल ने CPR देकर बचाई जान

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर खाकी वर्दी का मानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है। महाकाल दर्शन के लिए आए एक श्रद्धालु की जान जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) के एक प्रधान आरक्षक की सूझबूझ से बच गई। प्लेटफॉर्म पर अचानक बेहोश होकर गिरे यात्री को आरक्षक ने तत्काल सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) दिया, जिससे उसकी सांसें वापस लौट आईं।

यह घटना 1 दिसंबर की बताई जा रही है। रविवार होने के कारण स्टेशन पर महाकालेश्वर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी दौरान ब्यावरा के रहने वाले 30 वर्षीय यात्री देवी सिंह उज्जैयनी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14309) से स्टेशन पहुंचे थे। प्लेटफॉर्म पर उतरते ही देवी सिंह को अचानक घबराहट महसूस हुई और वे अचेत होकर गिर पड़े।
गोल्डन आवर में मिला जीवनदान
घटना के समय जीआरपी के प्रधान आरक्षक पवन धुर्वे प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 के बीच ड्यूटी पर तैनात थे। यात्री को गिरता देख वे तुरंत मौके पर पहुंचे। आसपास मौजूद लोगों को लगा कि यात्री को दिल का दौरा पड़ा है। स्टेशन पर तत्काल कोई मेडिकल टीम मौजूद नहीं थी, ऐसे में पवन धुर्वे ने बिना समय गंवाए ‘गोल्डन आवर’ का इस्तेमाल किया।
धुर्वे ने यात्री को मौके पर ही सीपीआर देना शुरू कर दिया। वे लगातार उसकी छाती को दबाते रहे ताकि दिल की धड़कन फिर से शुरू हो सके। कुछ देर की मशक्कत के बाद यात्री के शरीर में हरकत हुई और उसे होश आने लगा। इस पूरी घटना का वीडियो भी अब सामने आया है, जिसमें आरक्षक यात्री को सीपीआर देते हुए और परिजन घबराए हुए नजर आ रहे हैं।
एसपी करेंगे आरक्षक का सम्मान
घटना के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने मिर्गी का दौरा पड़ने की भी आशंका जताई थी, लेकिन आरक्षक की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को संभाल लिया। जीआरपी थाना प्रभारी अमित भावसार ने बताया कि आरक्षक पवन धुर्वे ने अत्यंत सराहनीय कार्य किया है। उनकी तत्परता के कारण ही एक यात्री की जान बच सकी।
थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि इस नेक काम के लिए एसपी (रेल) द्वारा आरक्षक को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए विभाग को एक अनुशंसा पत्र भेजा गया है। सोशल मीडिया पर भी आरक्षक के इस कार्य की काफी प्रशंसा हो रही है।