इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में बढ़ते स्वास्थ्य संकट को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 02 जनवरी 2026 से रिंग सर्वे की शुरुआत की है। इस रणनीति के तहत जिन इलाकों को हॉट स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है, वहां संबंधित घरों के आसपास के लगभग 50 घरों का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है। इस कार्य के लिए कुल 20 टीमें तैनात की गई हैं, जो घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर रही हैं।
एम्बुलेंस और डॉक्टरों की 24×7 तैनाती
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार क्षेत्र में 6 एम्बुलेंस लगातार उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही 24 घंटे चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके। गंभीर मरीजों को एम.व्हाय. अस्पताल, अरविंदो अस्पताल और बच्चों को चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में रेफर किया जा रहा है। जो मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, वहां भी निःशुल्क उपचार, जांच और दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
हजारों घरों का सर्वे, सैकड़ों मरीज चिन्हित
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने जानकारी दी कि 02 जनवरी 2026 को ही 3,679 घरों का सर्वे पूरा किया गया, जिसमें करीब 141 मरीज सामने आए। इसके अलावा, एक दिन पहले ओपीडी में आए हल्के लक्षण वाले मरीजों का फॉलोअप भी किया गया है, ताकि उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा सके।
जल स्रोतों की मैपिंग और प्रशासनिक समन्वय
स्वास्थ्य विभाग ने जल स्रोतों की मैपिंग भी शुरू कर दी है। सीवरेज लाइन, ड्रेनेज सिस्टम और पेयजल पाइपलाइन की स्थिति की जांच के लिए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि संक्रमण के स्रोत को चिन्हित कर आगे की रोकथाम की जा सके।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति
डॉ. हासानी के अनुसार अब तक विभिन्न अस्पतालों में कुल 310 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं, जिनमें से 107 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। फिलहाल 203 मरीज अस्पताल में उपचाराधीन हैं। इनमें से 25 मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है।