मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी की समस्या के बीच राज्य शासन ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब 2014 बैच के आईएएस अधिकारी क्षितिज सिंघल को इंदौर नगर निगम की कमान सौंपी गई है।
यह आदेश राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया है। क्षितिज सिंघल इससे पहले सागर जिला पंचायत के सीईओ और उज्जैन नगर निगम आयुक्त के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल में प्रबंध संचालक के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें इंदौर नगर निगम आयुक्त के साथ-साथ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड इंदौर के अपर प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
गंदे पानी की समस्या बनी चुनौती
इंदौर शहर के कई इलाकों में पिछले कुछ समय से दूषित पानी की आपूर्ति एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। विशेष रूप से विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-2 और अन्य रिहायशी इलाकों में नल से गंदा पानी आने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस मुद्दे पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और रहवासियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी जताई थी। माना जा रहा है कि इन शिकायतों के समाधान में देरी और जनता के आक्रोश को देखते हुए ही राज्य सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
दिलीप कुमार यादव का नया दायित्व
हटाए गए आईएएस अधिकारी दिलीप कुमार यादव को अब भोपाल स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्हें मध्य प्रदेश क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का प्रबंध संचालक बनाया गया है। यादव इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं, लेकिन इंदौर में जल प्रदाय व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच उनका तबादला चर्चा का विषय बना हुआ है।
नए आयुक्त के सामने होंगी ये चुनौतियां
नवनियुक्त आयुक्त क्षितिज सिंघल के सामने सबसे बड़ी और तत्काल चुनौती शहर की जल प्रदाय व्यवस्था को सुधारना होगी। इसके अलावा, इंदौर की सफाई व्यवस्था को नंबर-1 बनाए रखना और शहर के विकास कार्यों को गति देना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। सिंघल को उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण कार्यों और सिंहस्थ की तैयारियों में उनके अनुभव के लिए जाना जाता है, जिससे उम्मीद है कि वे इंदौर की प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर ढंग से संभाल पाएंगे।