मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और बढ़ने वाला है। विशेष रूप से 26 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते पूरे राज्य में कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं।
वर्तमान में प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे ज्यादा ठंड महसूस की जा रही है। यहां रात का तापमान लुढ़ककर 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से काफी कम है। पचमढ़ी के अलावा ग्वालियर-चंबल संभाग में भी तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर भारत में बर्फबारी और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो चुका है। इसका सीधा असर मैदानी इलाकों, खासकर मध्य प्रदेश पर दिखाई देगा। 26 नवंबर को सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवाओं का रुख बदलेगा और उत्तरी हवाएं प्रदेश में सिहरन बढ़ाएंगी। इसके चलते रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की और गिरावट आ सकती है।
कोहरे का अलर्ट जारी
ठंड के साथ-साथ कोहरे ने भी अपनी दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के कुछ जिलों में सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाने की संभावना जताई है। विजिबिलिटी कम होने के कारण यातायात पर भी इसका असर पड़ सकता है। वाहन चालकों को सुबह और रात के समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रमुख शहरों का हाल
प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर में भी अब रातें ठंडी होने लगी हैं। यहां न्यूनतम तापमान 12 से 14 डिग्री के बीच बना हुआ है। हालांकि, दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत रहती है, लेकिन शाम होते ही ठंड का असर तेज हो जाता है। मौसम विभाग का कहना है कि नवंबर के अंत तक पूरे प्रदेश में शीत लहर (Cold Wave) जैसी स्थिति बन सकती है।
फसलों पर प्रभाव
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह ठंड रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और चने के लिए फायदेमंद साबित होगी। तापमान में गिरावट से फसलों की ग्रोथ अच्छी होती है। हालांकि, पाला पड़ने की स्थिति में सब्जियों और संवेदनशील फसलों को नुकसान हो सकता है, जिसके लिए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
आने वाले दिनों में मौसम में होने वाले इन बदलावों को देखते हुए लोगों को गर्म कपड़े निकालने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम की ठंड से बचने की जरूरत है।