Indore News : इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के सेवन से अब तक 15 मौते हो चुकी है। लगभग 350 लोग इंदौर के अलग अलग अस्पतालों में भर्ती है। हाल ही में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट इंदौर के एम वाय अस्पताल में मरीजों से मिले और उनका हाल चाल जाना।
भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से मचे हाहाकार के बाद राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। शुक्रवार को सरकार ने इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को उनके पद से हटा दिया। उनकी जगह अब आईएएस क्षितिज सिंघल नए निगमायुक्त होंगे। इसके अलावा, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब स्थानीय लोगों और अस्पतालों के आंकड़ों के मुताबिक दूषित पानी के सेवन से अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर सामने आया है।
हाईकोर्ट में सरकार का जवाब: सिर्फ 4 मौतें
शुक्रवार को ही राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश की। 39 पन्नों की इस रिपोर्ट में सरकार ने स्वीकार किया है कि दूषित पानी से सिर्फ 4 लोगों की मौत हुई है। सरकार का कहना है कि सभी मृतकों की उम्र 60 साल से अधिक थी।
रिपोर्ट के अनुसार, उर्मिला की मौत 28 दिसंबर को, तारा (60) और नंदा (70) की 30 दिसंबर को, तथा हीरालाल (65) की मौत 31 दिसंबर को हुई। हाईकोर्ट ने 1 जनवरी को सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी, जिसके 5 दिन बाद यह जवाब दाखिल किया गया। मामले की अगली सुनवाई अब 6 जनवरी को होनी है।
350 लोग अस्पताल में भर्ती, मंत्री ने जाना हाल
दूषित पानी का कहर इतना व्यापक है कि लगभग 350 लोग इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। हाल ही में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने एमवाय अस्पताल का दौरा किया और मरीजों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। दूसरी ओर, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी शुक्रवार शाम भागीरथपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
मंत्री विजयवर्गीय वहां करीब 10 मिनट रुके और जोनल इंचार्ज डॉ. रुपाली जोशी से मरीजों की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने इलाके में पानी की सप्लाई व्यवस्था को लेकर भी बात की। हालांकि, जब वे बाहर निकले तो मीडिया ने उनसे कई सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे कल प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूरी जानकारी देंगे।
प्रशासन का डैमेज कंट्रोल: डोर-टू-डोर सर्वे शुरू
मौतों का आंकड़ा बढ़ने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा शनिवार सुबह नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। प्रशासन ने अब डैमेज कंट्रोल के तहत रिंग सर्वे शुरू किया है।
इसके लिए एनजीओ (NGO) के 200 से ज्यादा सदस्यों को लगाया गया है। ये सदस्य घर-घर जाकर लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे केवल टैंकरों से सप्लाई किए जा रहे पानी का ही उपयोग करें। प्रशासन द्वारा 8 से अधिक वाहनों के जरिए एनाउंसमेंट कराया जा रहा है और लोगों को पमफलेट भी बांटे जा रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में सीवरेज और ड्रेनेज की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।