Indore News : इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले ने अब उग्र सियासी रूप ले लिया है। शनिवार को क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
कांग्रेस की एक जांच समिति यहां पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंची थी, जिसका भाजपा कार्यकर्ताओं ने तीखा विरोध किया। आपको बता दें कि भागीरथपुरा में हंगामा इतना बड़ गया है कि रहवासियों ने कांग्रेस नेता सज्जनसिंह वर्मा पर चप्पलें फेंक दी। हालाकि वहां भारी पुलिस बल तैनात है और मौजूदा स्थिति को संभालने की पूरी कोशिश की जा रही है।
मौके पर स्थिति तनावपूर्ण होते ही पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं की तरफ से जमकर नारेबाजी की गई। भाजपा कार्यकर्ता जहां ‘बाहरी लोग वापस जाओ’ के नारे लगा रहे थे, वहीं कांग्रेसियों ने भी जवाबी नारेबाजी करते हुए ‘घंटा पार्टी मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। पुलिस अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया।
काले झंडे और विरोध
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं को भागीरथपुरा में अंदर जाने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान एक और घटनाक्रम देखने को मिला जब स्थानीय रहवासियों ने भी कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाए। रहवासियों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति की जा रही है।
मौतों का आंकड़ा और प्रशासनिक कार्रवाई
इंदौर में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या को लेकर चिंताजनक दावे सामने आ रहे हैं। अब तक 16 लोगों की मौत की बात कही जा रही है। हाल ही में 31 दिसंबर को 65 वर्षीय हीरालाल की मौत हुई थी। भागीरथपुरा स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार, उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई थी, लेकिन तबीयत बिगड़ने की शुरुआत दूषित पानी वाले क्षेत्र में आने से हुई थी।
इस गंभीर लापरवाही पर राज्य सरकार ने सख्त एक्शन लिया है। शुक्रवार को इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को पद से हटा दिया गया। उनकी जगह आईएएस क्षितिज सिंघल को नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है।
सरकार और दावों में अंतर
इस पूरे मामले में सरकार और पीड़ितों के दावों में बड़ा अंतर है। शुक्रवार को ही सरकार ने हाई कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की है। इसमें बताया गया है कि दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतें हुई हैं। यह रिपोर्ट तब आई है, जब मृतकों के परिजन और स्थानीय सूत्र 15 से 16 मौतों की जानकारी दे रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 6 जनवरी को होगी।