भोपाल में मेट्रो ट्रेन के व्यावसायिक संचालन को शुरू हुए अभी महज दो सप्ताह ही बीते हैं, लेकिन यात्रियों की कमी ने प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त संख्या में पैसेंजर्स नहीं मिलने के कारण भोपाल मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने ट्रेन के शेड्यूल में बड़ा बदलाव किया है। अब मेट्रो के फेरों (ट्रिप) की संख्या घटा दी गई है और संचालन के समय में भी कटौती की गई है।
मेट्रो प्रबंधन द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक, अब मेट्रो सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक ही ट्रैक पर दौड़ेगी। इससे पहले मेट्रो सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक चलाई जा रही थी। यानी संचालन के समय में सीधे दो घंटे की कटौती कर दी गई है। यह फैसला यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए लिया गया है, ताकि परिचालन लागत को संतुलित किया जा सके।
100 से घटकर 78 हुए फेरे
समय में बदलाव के साथ-साथ मेट्रो के फेरों की संख्या में भी कमी की गई है। पहले जहां मेट्रो दिन भर में कुल 100 ट्रिप लगा रही थी, वहीं अब यह संख्या घटाकर 78 कर दी गई है। नए टाइम टेबल के अनुसार, अब हर 15 मिनट के अंतराल पर यात्रियों को मेट्रो की सुविधा मिलेगी। इससे पहले पीक आवर्स में फ्रीक्वेंसी को बढ़ाने की योजना थी, लेकिन फिलहाल यात्रियों का रुझान कम होने से इसे सीमित कर दिया गया है।
संडे को भी बदला रहेगा समय
मेट्रो प्रबंधन ने रविवार के लिए भी अलग व्यवस्था लागू की है। रविवार को मेट्रो का संचालन सुबह 11:10 बजे से शुरू होगा और रात 8:10 बजे तक जारी रहेगा। इस दिन कुल 74 फेरे लगाए जाएंगे। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि छुट्टी के दिन यात्रियों का पैटर्न अलग होता है, इसलिए यह समय सारिणी तय की गई है।
मेट्रो स्टेशन पर सन्नाटा, उम्मीद से कम यात्री
भोपाल में मेट्रो का ट्रायल रन काफी धूमधाम से हुआ था और उम्मीद की जा रही थी कि यह शहर की लाइफलाइन बनेगी। हालांकि, अभी यह केवल एम्स से सुभाष नगर तक के सीमित रूट पर चल रही है। 14 दिन पहले ही इसका कमर्शियल रन शुरू हुआ था। शुरुआती दिनों में भी मेट्रो स्टेशनों पर अपेक्षित भीड़ नजर नहीं आ रही है। कई बार कोच लगभग खाली दौड़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मेट्रो का रूट विस्तारित होकर प्रमुख बाज़ारों और दफ्तरों को नहीं जोड़ता, तब तक यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होना मुश्किल है। फिलहाल सीमित रूट होने के कारण केवल वही लोग इसमें सफर कर रहे हैं जिन्हें एम्स या सुभाष नगर के बीच यात्रा करनी है, या फिर वे लोग जो केवल मेट्रो का अनुभव लेने आ रहे हैं।
आगे की योजना
मेट्रो प्रबंधन लगातार यात्रियों के फीडबैक पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, फेरों और समय को फिर से बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल यह कटौती अस्थायी मानी जा रही है, लेकिन यह पूरी तरह से यात्रियों की संख्या (Ridership) पर निर्भर करेगा।