अटल प्रगति पथ: मध्य प्रदेश में 11 घंटे का सफर अब सिर्फ 6 घंटे में, चंबल के बीहड़ों में आएगी विकास की क्रांति

मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। बहुप्रतीक्षित ‘अटल प्रगति पथ’ (Atal Progress Way) का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य के बीहड़ इलाकों में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहद सुगम हो जाएगी।

अटल प्रगति पथ के पूरा होने के बाद, जो सफर तय करने में अभी करीब 11 घंटे लगते हैं, वह सिमटकर मात्र 6 घंटे का रह जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे चंबल नदी के किनारे-किनारे बनाया जा रहा है, जो इसे भौगोलिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।

तीन राज्यों को जोड़ेगा यह एक्सप्रेस-वे

यह परियोजना केवल एक सड़क नहीं, बल्कि तीन राज्यों के बीच एक आर्थिक गलियारा है। अटल प्रगति पथ की कुल लंबाई 404 किलोमीटर प्रस्तावित है। इसका सबसे बड़ा हिस्सा, यानी करीब 313 किलोमीटर, मध्य प्रदेश से होकर गुजरेगा। इसके अलावा, यह राजस्थान और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों को भी आपस में जोड़ेगा।

परियोजना के तहत राजस्थान के कोटा से लेकर उत्तर प्रदेश के इटावा तक एक सीधा और तेज रफ्तार मार्ग उपलब्ध होगा। इससे न केवल आम यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

चंबल के बीहड़ों में आएगा बदलाव

चंबल का क्षेत्र, जो कभी बीहड़ों और दुर्गम रास्तों के लिए जाना जाता था, अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ने जा रहा है। सरकार की योजना इस एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। भिंड, मुरैना और श्योपुर जैसे जिले, जो विकास की दौड़ में पीछे रह गए थे, अब सीधे तौर पर इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से जुड़ेंगे।

जमीन अधिग्रहण और निर्माण की स्थिति

प्रशासनिक स्तर पर इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सप्रेस-वे के लिए आवश्यक भूमि का बड़ा हिस्सा अधिग्रहित किया जा चुका है। निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय सीमा के भीतर काम पूरा करें। यह परियोजना ‘भारतमाला परियोजना’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश भर में सड़क नेटवर्क को मजबूत करना है।

कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा

अटल प्रगति पथ के बनने से रणथंभौर नेशनल पार्क, कूनो नेशनल पार्क और चंबल सफारी जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। पर्यटकों के लिए यह मार्ग एक सुगम विकल्प साबित होगा। इसके अलावा, यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से भी लिंक होगा, जिससे पूरे मध्य भारत का सड़क नेटवर्क एक-दूसरे से जुड़ जाएगा।

अधिकारियों का मानना है कि यह एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश के विकास इंजन के रूप में कार्य करेगा। 11 घंटे की दूरी 6 घंटे में तय होने से ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आएगी।